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आजतक के पत्रकारों को तोड़ने में जुटा इंडिया टीवी, समीप राजगुरु गए

लगातार गिरती टीआरपी से परेशान इंडिया टीवी प्रबंधन अब आजतक न्यूज चैनल में कार्यरत लोगों को तोड़ने में जुट गया है. लंबे समय से स्पोर्ट्स देख रहे आजतक के पत्रकार समीप राजगुरु अब इंडिया टीवी के हिस्से हो गए हैं. इन्हें अच्छे खासे पैकेज पर इंडिया टीवी लाया गया है. सूत्रों के मुताबिक अजीत अंजुम को ‘आपरेशन आजतक’ के लिए लगाया गया है. उन्होंने आजतक के दसियों पत्रकारों से बातचीत की. साथ ही कई अन्य चैनलों के पत्रकारों को भी इंडिया टीवी में लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं.

लगातार गिरती टीआरपी से परेशान इंडिया टीवी प्रबंधन अब आजतक न्यूज चैनल में कार्यरत लोगों को तोड़ने में जुट गया है. लंबे समय से स्पोर्ट्स देख रहे आजतक के पत्रकार समीप राजगुरु अब इंडिया टीवी के हिस्से हो गए हैं. इन्हें अच्छे खासे पैकेज पर इंडिया टीवी लाया गया है. सूत्रों के मुताबिक अजीत अंजुम को ‘आपरेशन आजतक’ के लिए लगाया गया है. उन्होंने आजतक के दसियों पत्रकारों से बातचीत की. साथ ही कई अन्य चैनलों के पत्रकारों को भी इंडिया टीवी में लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं.

गौरतलब है कि इंडिया टीवी का बैंड सबसे ज्यादा खुद रजत शर्मा बजा रहे हैं जो इस चैनल के मालिक हैं और कभी पत्रकार हुआ करते थे. मोदी और भाजपा के भोंपू की छवि बना चुके इंडिया टीवी को सीरियस न्यूज चैनल के रूप में नहीं देखा जाता. खुद मोदी ने रजत शर्मा को साहित्य श्रेणी में पदम पुरस्कार देकर दुनिया को यह बता दिया कि रजत से मोदी की गहरी यारी है और दोनों एक दूसरे को ओबलाइज करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान रजत शर्मा ने मोदी का एक प्रायोजित इंटरव्यू ‘आपकी अदालत’ नामक शो में इंडिया टीवी पर दिखाया था. इस इंटरव्यू को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे क्योंकि इंटरव्यू में मोदी से कोई मुश्किल सवाल पूछा ही नहीं गया था. तब उस वक्त के इंडिया टीवी के न्यूज डायरेक्टर कमर वहीद नकवी ने इस शो पर आपत्ति करते हुए इस्तीफा दे दिया था. तब भी रजत शर्मा और इंडिया टीवी की काफी थू थू हुई थी लेकिन रजत शर्मा नहीं माने.

मोदी सरकार जब भारी बहुमत से सत्ता में आई तो इंडिया टीवी बढ़चढ़ कर मोदी और भाजपा की तारीफें दिखाने लगा. कई मोर्चों पर विफल मोदी सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा भड़कने लगा लेकिन रजत शर्मा व इंडिया टीवी ने मोदी का गुणगान जारी रखा. इसका नतीजा हुआ ये कि रजत शर्मा दर्शकों की नजर में बेहद अविश्वसनीय चेहरा बन गए और इनके शो का ग्राफ भी नीचे गिरने लगा. दूसरी तरफ अजीत अंजुम को प्राइम टाइम एंकरिंग से दूर रखा गया. साथ ही अजीत अंजुम को चैनल में सीमित आजादी दी गई जिसके कारण वह अपने मन मुताबिक कार्यक्रम शो नहीं बना रहे.

इन सभी कारणों से इंडिया टीवी की दुर्गति जारी है और कभी नंबर दो तो कभी नंबर एक कैटगरी का चैनल रहा इंडिया टीवी आजकल नंबर पांच पर लुढ़क गया है. अब आजतक और अन्य न्यूज चैनलों के पत्रकारों को तोड़कर टीआरपी हासिल करने की रणनीति बनाई गई है लेकिन इंडिया टीवी वालों को कौन समझाए कि चैनल अच्छे पत्रकारों के साथ-साथ अच्छी पालिसीज से भी आगे जाता है और पत्रकारिता की असली पालिसी तटस्थता होती है.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की रिपोर्ट. संपर्क: 09999 3300 99

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1 Comment

1 Comment

  1. Vidya Jain

    April 29, 2015 at 6:34 pm

    अजीत अंजुम News24 से भी अपने सिपहसलारों को ले जा रहे हैं. New24 के Assignment Head अरूण पांडे भी India TV जा रहे हैं. कल ही उन्होंने इस्तीफा दिया. दरअसल दीप उपाध्याय यहां पुराने लोगों को टारगेट कर Management की नजर में उनकी छवि खराब करने के खेल में जुट गए हैं. 25-30 हजार वालों को भगाकर लाख लाख में सफेद हाथी पाले जा रहे हैं. जिनका कोई आउट पुट नहीं लेकिन अपने गुर्गे पाल लॉबी मजबूत की जा रही है. धृतराष्ट्र बन चुके मैनेजमेंट को दगे हुए कारतूसों को लाख लाख देने में कोई परहेज नहीं. आलम ये है कि स्पेशल इंवेंट करवाने के नाम पर भी पैसे बनाने का खेल शुरू हो चुका है.

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