#IndiaTvExposed : अजीत अंजुम जी, चोर की दाढ़ी में तिनका इसी को कहते हैं!

इंडिया टीवी का इतनी जल्दी डिफेंस मोड में आ जाना चौंकाने वाला है…

Sanjaya Kumar Singh : इंडिया टीवी #IndiaTvExposed से डिफेंस मोड में क्यों है? मुझे कथित अभियान, साजिश की सूचना संपादक अजीत अंजुम की पोस्ट से मिली। इमरान शेख की चिट्ठी में एक सर्वज्ञात और सबसे साधारण (आज कल के हिसाब से) आरोप के अलावा कोई खास बात नहीं है। अभी तो उसने प्रधानमंत्री से मिलकर सारी बात बताने के लिए समय भर मांगा है। मुझे नहीं लगता कि किसी विशेष संबंध या कारण के इमरान शेख को प्रधानमंत्री से मिलने का समय मिल पाएगा। फिर भी इंडिया टीवी का इतनी जल्दी डिफेंस मोड में आ जाना चौंकाने वाला है। चोर की दाढ़ी में तिनका इसी को कहते हैं।

जनसत्ता अखबार में लंबे समय तक काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह ने उपरोक्त एफबी पोस्ट में अजीत अंजुम की जिस पोस्ट का जिक्र किया है, वो इस प्रकार है…

Ajit Anjum : इंडिया टीवी के खिलाफ सोशल मीडिया पर #IndiaTVExposed का हैशटैग क्रिएट करके बेबुनियाद और तथ्यहीन Propaganda चलाया जा रहा है .. इंडिया टीवी के खिलाफ मुहिम चलाने वाले लोग इंडिया टीवी के एक पूर्व रिपोर्टर इमरान शेख की एक चिट्ठी को हथियार बनाकर सोशल मीडिया में चैनल के खिलाफ झूठा और तथ्यहीन दुष्प्रचार कर रहे हैं इंडिया टीवी से बाहर होने के एक साल बाद इमरान शेख ने पीएम मोदी के नाम चिट्ठी लिखकर चैनल पर मनगढ़ंत आरोप लगाया है कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में False and Fabricated खबरें करने को कहा गया . इससे परेशान होकर उन्होंने चैनल छोड़ दिया . इसी चिट्ठी को मुद्दा बनाकर #IndiaTVExposed हैशटैग के जरिए दुष्प्रचार करने वालों के लिए कुछ जरुरी तथ्य…

1 ) इमरान शेख मुंबई में एक साल पहले तक इंडिया टीवी के क्राइम/लोकल रिपोर्टर थे . जो लोग न्यूज चैनल की Functioning को थोड़ा भी जानते हैं , उन्हें पता होगा कि मुंबई के क्राइम रिपोर्टर का पीएम और केन्द्र सरकार की खबरों से कोई लेना-देना नहीं होता..मुंबई का क्राइम रिपोर्टर पीएम के पक्ष में न तो कई खबर कर सकता है, न ही उसे करने को कहा जा सकता है.

2 ) इंडिया टीवी से बाहर होने के एक साल तक तो इमरान शेख ने कभी ऐसी कोई बात नहीं कही. न ही ऐसा कोई आरोप लगाया. एक साल बाद अचानक ऐसा आरोप लगाना इस बात का सबूत है कि कुछ लोगों ने या तो उसे साजिश का मोहरा बनाया या फिर उनकी मंशा संदिग्ध है.

3 ) मुंबई ब्यूरो में काम करने के दौरान डियूटी में उनकी लापरवाही की कई बार शिकायत मिली थी और खबरें मिस करने पर इंडिया टीवी के सीनियर एडिटर्स की तरफ से उन्हें लिखित और मौखिक चेतावनी भी दी गई थी. बार –बार चेतावनी के बाद उन्हें 8 अक्तूबर 2015 को दो दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया था. फिर भी उनका रवैया नहीं बदला और वो अपने वरिष्ठ सहयोगियों से बदसलूकी करते रहे .

4 ) इमरान शेख को कई बार उनके काम न करने /अपनी साथियों के साथ बदसलूकी करने और डियूटी पर लापरवाही वरतने के लिए चेतावनी दी गई. ये सारे तथ्य सितंबर – अक्तूबर 2015 में दिल्ली और मुंबई के कई सहयोगियों के बीच मेल पर हुए Chain of communication में मैजूद है.

5) 17 अक्तूबर 2015 को इमरान शेख ने अपने वकील से माध्यम से एक नोटिस भेजा , जिसमें उन्होंने तीन वरिष्ठ सहयोगियों के खिलाफ परेशान करने का आरोप लगाया लेकिन उस नोटिस में भी ऐसी कोई बात नहीं लिखी गई जो इंडिया टीवी से बाहर होने के एक साल बाद उन्होंने सनसनीखेज ढंग से अपनी चिट्ठी में लिखी है. जो बात उन्होंने एक साल पहले के नोटिस और एडिटर को लिखी चिट्ठी में नहीं लिखी, वो आज क्यों लिख रहे हैं? इसके पीछे क्या साजिश है?

6 ) चिट्ठी से साफ पता चलता है कि इंडिया टीवी से अलग होने के एक साल बाद इमरान शेख किसी के इशारे पर बहकावे में आकर बिल्कुल आधारहीन आरोप लगाकर इंडिया टीवी को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा बन रहे हैं.

Under the hashtag #IndiaTvExposed, a baseless and malicious propaganda is being launched on social media by some vested interests against India TV. These people are circulating false and malicious allegations against the news channel on social media by using a purported open letter posted on Facebook by a former India TV reporter Imran Sheikh. In his purported open letter, Imran Sheikh has made baseless allegation that he was asked to file false and fabricated news in favour of Prime Minister Narendra Modi, because of which he resigned from the news channel. Here are some facts which clearly debunk the malicious propaganda being made by vested interests under the hashtag #IndiaTVExposed:

1) Imran Sheikh was a crime/local reporter for India TV in Mumbai till a year ago. Any news-conscious person, who knows the bare outline of how a news channel works, understands that a crime reporter posted in Mumbai has nothing to do with filing stories related to the Prime Minister and the central government. A crime reporter posted in Mumbai can neither do a TV story in favour of the Prime Minister, nor can he be asked to do so by his seniors.

2) After quitting India TV, Imran Sheikh did not level any allegation against the channel for more than a year. The very fact, that he levelled such an allegation a year after quitting the channel, indicates that some vested interests have used him as a pawn in a nefarious game or his intentions are suspect.

3) The Mumbai Bureau received several complaints of negligence in duty against Imran Sheikh, and he was given verbal and written warnings several times by senior editors at India TV for missing news stories. Following repeated warnings, he was suspended for two days on October 8, 2015, but his attitude did not change for the better, and he continued to misbehave with his senior colleagues.

4) Imran Sheikh was warned several times for not working properly/for misbehaving with his colleagues and for negligence in duty. All these facts exist as record in the chain of mail communications between him and several colleagues based in Delhi and Mumbai during October 2015.

5) On October 17, 2015, Imran Sheikh sent a notice through his lawyer in which he levelled charges of harrassment against three of his senior colleagues, but no mention was made of the charge that he has now levelled in his open letter posted on Facebook a year after quitting. The question arises: Why did he not write a letter to the Editor on this said issue or mention it in his lawyer’s notice? What could be the motive behind this?

6) The open letter by Imran Sheikh on his Facebook wall clearly indicates that he has become part of a falsehood campaign to denigrate India TV by levelling baseless allegation at the instigation of some vested interests.

अब पढ़ें इमरान शेख द्वारा प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी…

 

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