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गुजरात में पाकिस्तानी न्यूज और अन्य चैनल दिखा रहे 700 करोड़ रु के IPTV रैकेट का भंडाफोड़, स्टार इंडिया की शिकायत पर एक्शन

डिजिटल पायरेसी पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात पुलिस ने स्टार इंडिया की शिकायत पर ₹700 करोड़ (अमेरिकी डॉलर 84 मिलियन) के अवैध इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में मुख्य आरोपी मोहम्मद मुर्तुज़ा अली को गिरफ्तार किया गया है, जो पंजाब के जालंधर का रहने वाला और एक ऐप डेवलपर है। उस पर हजारों प्रीमियम टीवी चैनलों, जिनमें कई पाकिस्तानी समाचार चैनल और एंटरटेनमेंट सीरियल्स भी शामिल हैं, को बिना अनुमति के स्ट्रीम करने का आरोप है।

यह अवैध IPTV सेवा “BOSS IPTV” ब्रांड नाम से चल रही थी और इसके लगभग 50 लाख ग्राहक थे। गांधीनगर की साइबर क्राइम टीम ने अवैध स्ट्रीम्स का स्रोत ट्रैक करते हुए अली को जालंधर में गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, यह सेवा 2020 से सक्रिय थी।

गांधीनगर रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) चैतन्य मंडलिक ने Storyboard18 से बातचीत में कहा, “हमने आरोपी के आईपी एड्रेस को ट्रेस किया और तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे जालंधर में गिरफ्तार किया। अब हम यह जांच कर रहे हैं कि क्या उसके किसी अंतरराष्ट्रीय पायरेसी नेटवर्क से संबंध हैं।” उल्लेखनीय है कि गुजरात पुलिस इससे पहले 2021 में भी BOSS IPTV के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है, लेकिन यह सेवा फिर से सक्रिय हो गई थी और इसकी पहुंच और कमाई दोनों में वृद्धि हुई थी।

मनोरंजन उद्योग लंबे समय से IPTV पायरेसी की समस्या से जूझ रहा है, जो प्रसारकों की आय पर बड़ा असर डालता है और कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों को कमजोर करता है। इसी साल, डिज़्नी की सहयोगी कंपनी स्टार इंडिया ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई में ऐसे सेट-टॉप बॉक्स जब्त किए थे, जो 12,000 पायरेटेड चैनलों की सेवा दे सकते थे। माना जा रहा है कि यह नेटवर्क भी उसी रैकेट से जुड़ा हुआ हो सकता है।

गांधीनगर साइबर पुलिस फिलहाल जब्त किए गए सर्वर, बैंक रिकॉर्ड और सब्सक्राइबर डाटाबेस की जांच कर रही है ताकि पूरे रैकेट की गहराई को समझा जा सके। आने वाले समय में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और अगर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि होती है तो विदेशी एजेंसियों से सहयोग भी लिया जाएगा।

अगर आरोपी पर आईटी अधिनियम और कॉपीराइट अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होता है, तो उसे भारी जुर्माने और लंबी जेल की सजा हो सकती है। प्रसारक कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अवैध स्ट्रीमिंग सेवाओं से बचें, क्योंकि सस्ते सब्सक्रिप्शन अक्सर मैलवेयर का खतरा लिए होते हैं और ग्राहक सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती।

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