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उत्तर प्रदेश

यूट्यूबर पर गरीबों के वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए उगाहने का आरोप

जौनपुर। विकासखंड केराकत के एक कथित यूट्यूबर पुष्पेंद्र कुमार सिंह द्वारा गरीब व्यक्ति को धमकाने और सामाजिक कार्यकर्ता जयप्रकाश सिंह को बदनाम करने की कोशिश अब भारी पड़ती नजर आ रही है। आरोप है कि यूट्यूबर ने गरीब व्यक्ति को जबरन जयप्रकाश सिंह पर टिप्पणी करने के लिए मजबूर किया और फिर उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

इस घटना से आहत होकर समाजसेवी जयप्रकाश सिंह ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद सिंह के माध्यम से न केवल यूट्यूबर के खिलाफ, बल्कि यूट्यूब संस्था को भी विधिक नोटिस भेजा है। जयप्रकाश सिंह का कहना है कि अब समय आ गया है जब क्षेत्र के गरीब और अशिक्षित लोगों को ऐसे कथित यूट्यूबर के उत्पीड़न से मुक्त किया जाए।

लगातार धमकी और अपमान के आरोप

जयप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि बीते कुछ महीनों से यह यूट्यूबर लगातार कमजोर वर्ग के लोगों को अपने वीडियो कंटेंट के जरिए डराने, धमकाने और बदनाम करने का काम कर रहा है। बताया गया कि यह व्यक्ति अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर लोगों पर रौब जमाता है और उनका शोषण करता है।

मिठाई विक्रेता और विकलांग व्यक्ति को भी बनाया निशाना

जयप्रकाश सिंह ने बताया कि झिंगई साव नामक व्यक्ति, जो मिठाई की दुकान चलाकर गुज़ारा करते हैं, उनके निजी निवास का वीडियो बनाकर सैकड़ों बार सोशल मीडिया पर फैलाया गया। वहीं, देशी शराब की दुकान पर काम करने वाले एक विकलांग सेल्समैन को भी कथित रूप से धमकाया गया। इसके अलावा कई गांवों में जाकर लोगों को मकान तोड़वाने और बुलडोजर चलवाने की धमकियां दी गईं।

न्यायालय में दीवानी वाद दाखिल

सिंह ने कहा कि अब यह “वीडियो के नाम पर भय फैलाने का धंधा” नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विधि विशेषज्ञों से सलाह के बाद दीवानी न्यायालय में मुकदमा दाखिल कर दिया गया है।

प्रशासन और साइबर क्राइम जांच में जुटे

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह यूट्यूबर समय-समय पर विवादित वीडियो बनाकर न केवल लोगों की छवि खराब करता है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचा रहा है। जयप्रकाश सिंह ने इस मामले की लिखित शिकायत जिला प्रशासन को भी सौंप दी है और जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस और साइबर क्राइम विभाग ने यूट्यूबर की गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है।

विधिक कार्यवाही की चेतावनी

वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि किसी भी सम्मानित व्यक्ति के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करना भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी को जेल और जुर्माना दोनों भुगतना पड़ सकता है।

देखें नोटिस और वीडियो…


यूट्यूबर पुष्पेंद्र ने क्या कहा-

इन सभी आरोपों के बीच पुष्पेंद्र सिंह ने भड़ास4मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि- जो भी आरोप उनपर लगाए जा रहे हैं उन्हें सिद्ध किया जाए। आरोप तो किसी पर भी कोई भी लगा सकता है। मेरी बहू सत्य है, मेरी मां सत्य है, मेरी पत्नी सत्य है, सत्य ही मेरा जीवन और भोजन है। जो शिकायतकर्ता है जयप्रकाश सिंह इन्होंने तमाम जमीनों पर कब्जा कर रखा है। विरोध के चलते मुझे झूठा बदनाम किया जा रहा है। मामले की जांच भी चल रही है।

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