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भारतीय मूल की इंग्लिश लेखिका झुम्पा लाहिड़ी ने यह प्रतिष्ठित अवार्ड लेने से मना कर दिया

भारतीय मूल की अमेरिकी लेखिका झुम्पा लाहिड़ी ने एक प्रतिष्ठित पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है. झुम्पा प्रसिद्ध पुलित्जर अवार्ड विजेता भी हैं.

उन्होंने न्यूयॉर्क शहर के नोगुची संग्रहालय से एक पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया. इसके पीछे का कारण फिलिस्तीनी एकजुटता का प्रतीक केफियेह हेड स्कार्फ (ड्रेस कोड) पहनने के लिए तीन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था.

अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदु’ की वेबसाइट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, संग्रहालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि झुम्पा लाहिड़ी ने हमारी ड्रेस कोड नीति के जवाब में 2024 इसामु नोगुची पुरस्कार की अपनी स्वीकृति वापस लेने का फैसला किया है.

बता दें कि झुम्पा लाहिड़ी वर्ष 2013 में मैन बुकर पुरस्कार के लिए नामित होने वाली अंग्रेजी लेखिका हैं. उनके उपन्यास द लोलैंड को शार्टलिस्ट किया गया था.

द लोलैंड, लाहिड़ी का चौथा उपन्यास है. उनकी पहली किताब द इंटरप्रेटर ऑफ मैलाडीज (1999) ने फिक्शन के लिए 2000 का पुलित्जर अवार्ड जीता था. उनके दूसरे उपन्यास द नेमसेक (2003) पर एक लोकप्रिय फिल्म बनाई गई. उन्होंने अनअकस्टम्ड भी लिखी है.

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