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जागरण समूह के उर्दू अख़बार इंकलाब के स्थानीय संपादक जिलानी खान का इंतक़ाल

पटना/लखनऊ। दैनिक जागरण ग्रुप के उर्दू अख़बार इंकलाब के रेज़िडेंट एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार जिलानी खान का निधन हो गया। वह लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और सप्ताह में दो बार डायलिसिस पर रहते थे। इसके बावजूद पत्रकारिता के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ और अंतिम दिनों तक वह नियमित रूप से अपने दफ्तर जाकर काम करते रहे।

29 अगस्त को पटना पहुंचे जिलानी खान की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें 1 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें ICU में रखा गया। लगातार इलाज के बावजूद सुधार नहीं हुआ और 5 सितंबर की सुबह 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

गया से निकलकर बने उर्दू पत्रकारिता की पहचान

जिलानी खान का संबंध बिहार के औरंगाबाद जिले के बनतारा गांव से था। बिरादरी से निकलने वाले पहले पत्रकार जिलानी खान की प्रारंभिक शिक्षा गांव और पड़ोस के बघोई हाईस्कूल से हुई। इसके बाद गया कॉलेज और मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज से उन्होंने मैट्रिक और इंटर फर्स्ट डिवीजन में पास किया। उच्च शिक्षा के लिए वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पहुँचे, जहाँ से उन्होंने इकोनॉमिक्स में मास्टर और फिर मास्टर ऑफ जर्नलिज़्म की पढ़ाई की।

पत्रकारिता में करियर की शुरुआत जैन टीवी में इंटर्नशिप से हुई। इसके बाद ज़ी न्यूज़ में असिस्टेंट प्रोड्यूसर बने। अखबार की दुनिया में उन्होंने The Milli Gazette से रिपोर्टर के रूप में काम शुरू किया। इसके बाद सहारा उर्दू से जुड़े और अपनी मेहनत और काबिलियत से एडिटर बने। सहारा उर्दू अखबार के पटना और लखनऊ एडिशन की ज़िम्मेदारी भी उन्होंने संभाली।

उर्दू की बुलंदी के लिए जीवन समर्पित

जिलानी खान उर्दू पत्रकारिता के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे। उन्होंने अपने गांव में बच्चों की शिक्षा के लिए “मिशन उड़ान” की शुरुआत की। उन्हें उर्दू को आगे बढ़ाने के लिए यूपी सरकार और कई संगठनों ने सम्मानित किया। वह यूनाइटेड नेशन और यूनिसेफ के एक कार्यक्रम में अमेरिका भी गए, जहाँ उनकी स्पीच की व्यापक सराहना हुई।

जिलानी खान की राजनीति और पत्रकारिता दोनों ही हलकों में गहरी पकड़ थी। उनका संबंध शिवपाल यादव और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सहित कई नेताओं से निकटता का रहा।

शायरी और मुशायरों की भी शान

पत्रकारिता के साथ-साथ जिलानी खान शायरी के शौक़ीन थे। उन्होंने कई मुशायरों में अपनी मौजूदगी से समां बांधा। उनकी हास्य शायरी लोगों को गुदगुदाती थी और गंभीर शेर संजीदगी का एहसास कराते थे।

नेताओं ने जताया शोक

जिलानी खान के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरा शोक जताया। पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

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