दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी नई तकनीक की एंट्री से रोमांचित है, इसलिए इसके नफा नुकसान को समझना जरूरी है. शुरू में माना जाता था कि एआई विभिन्न क्षेत्रों में किए जाने वाले ज्यादातर मैन्युअल कामों को स्वचालित कर देगा, जिससे ब्लू-कॉलर कर्मचारियों की नोकरी पर असर पड़ेगा.
हाल ही में DALL-E, लेंसा एआई, स्टेबल डिफ्यूजन, चैट जीपीटी जैसे विकसित जेनरेटर एआई सिस्टम की लहर आई है, जिसे लेकर जानकारों (पो और बार्ड) ने मीडिया में सफेदपोश नौकरियों पर संकट को लेकर चिंता जताई है. इसके अलावा पब्लिकेशन उद्योग के भीतर, कॉपीराइट के उल्लंघन और दुरुपयोग का डर मंडरा रहा है. इसमें दिलचस्प बात ये भी है कि एआई से न्यूजरूम के संचालन की लागत कम होने की उम्मीद है.
Financial Express की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 सालों में अमेरिका ने अपने समाचार पत्रों से दो तिहाई पत्रकारों को नोकरियों से निकाल दिया है. ये नौकरियां ऐसी हैं जिनकी कमी एआई पूरी नहीं कर सकता. ये बात एक गैर लाभकारी खोजी संगठन द ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन की रिपोर्ट में कहा गया है.
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले साल अकेले अमेरिकी पत्रकरिता जगत में 2700 लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा, वहीं हर हफ्ते औसतन 2.5 अखबार बंद हुए. बीते दशक शीर्ष 46 न्यूज वेबसाइटों के ट्रैफिक में 43 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद, उनके राजस्व में 56 प्रतिशत की गिरावट आई है. डिजिटल विज्ञापन, प्रकाशक, दर्शक, डेटा, क्लाउड और खोज पर मुट्ठी भर से भी कम निजी स्वामित्व वाले, सिलिकॉन वैली-आधारित तकनीकी निगमों के प्रभुत्व ने दुनिया भर में पत्रकारिता के व्यवसाय को नष्ट कर दिया है. और अब एआई इसे फिर से प्रभावित कर रहा है.
न्यूयॉर्क टाइम्स कंपनी का दिसंबर 2023 में माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई के खिलाफ मुकदमा इस बात का सबूत है कि आगे क्या होने वाला है, क्योंकि यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भविष्य कॉपीराइट कानून, लाइसेंसिंग समझौतों और सामग्री निर्माताओं तथा प्रौद्योगिकी नवाचारों के बीच उच्च स्तर के सहयोग पर निर्भर करता है. निश्चित रूप से, जनरल एआई ने समाचार उत्पादों की प्रक्रिया में सारांश या समाचार पत्र तैयार करने और स्थानीय घटनाओं (मिले-जुले परिणामों के साथ) को कवर करने से लेकर रिपोर्टों को पेश करने और टिप्पणी अनुभागों के मॉडरेट करने तक स्थिरता और नए दृष्टिकोण के तरीके बनाए हैं. इसका एक मतलब यह भी है कि जनरल एआई की सहायता से सामग्री या यहां तक कि लिखित सामग्री के कॉपीराइट चिंताओं को बढ़ाएगी.
मीडिया एक्सपर्ट्स का मानना है कि पत्रकारिता जनरल एआई के साथ अधिक सहजीवी संबंध की ओर बढ़ रही है. जबकि प्रोद्योगिकी बहुत सारे काम के स्वचालन को सक्षम करेगी और कई उपकरणों के साथ पत्रकारों को भी उन्नत करेगी.
इस मसले पर, एआई की निगरानी – पत्रकारिता का भविष्य विषय पर जनवरी में कांग्रेस की सुनवाई के दौरान, कोंडे नास्ट पत्रिका के प्रकाशक व सीईओ रोजर लिंच ने गोपनीयता, प्रौद्योगिकी और कानून पर सीनेट न्यायपालिका समिति की उपसमिति को बताया कि जनरल एआई, पत्रकारिता की जगह नहीं ले सकता. ऐसा इसलिए है क्योंकि जनरल एआई के बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) आमतौर पर मानव निर्मित, कॉपीराइट सामग्री पर प्रशिक्षित होते हैं.


