जैसलमेर। भारतीय प्रेस पत्रकार संघ ने जैसलमेर में वरिष्ठ पत्रकार एवं आईएफडब्ल्यूजे के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ के रिसॉर्ट पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए चिंताजनक बताया है।
संघ के अध्यक्ष अभय जोशी ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि संबंधित रिसॉर्ट पिछले 22 वर्षों से नियमानुसार संचालित हो रहा था। यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक आपत्ति या विधिक प्रश्न थे, तो उनका समाधान पारदर्शी और नियमानुसार प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए था। लेकिन जिस तरीके से कार्रवाई की गई, उससे यह संदेश जाता है कि निर्भीक रूप से विचार व्यक्त करने वाले पत्रकारों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
संघ ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई जिला प्रशासन के संरक्षण में की गई प्रतीत होती है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की आवाज़ को दबाने का संकेत देती है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि पत्रकारों को भयभीत करने या दबाव में लेने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संघ की प्रमुख मांगें
भारतीय प्रेस पत्रकार संघ के अध्यक्ष अभय जोशी ने मुख्यमंत्री से निम्न मांगें की हैं—
- पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।
- यदि प्रशासनिक स्तर पर शक्ति का दुरुपयोग हुआ है, तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- राज्य स्तर पर पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र कार्य वातावरण के लिए ठोस नीति लागू की जाए।
संघ ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यदि असुरक्षित होगा, तो व्यवस्था में संतुलन और पारदर्शिता दोनों प्रभावित होंगे। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि पत्रकार जगत टकराव नहीं चाहता, किंतु ऐसी कार्रवाई को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पत्रकार आंदोलन के लिए बाध्य हो सकते हैं।
अंत में संघ ने मुख्यमंत्री से इस मामले में त्वरित और न्यायोचित हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि प्रदेश में पत्रकारिता की स्वतंत्रता और गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।


