यशवंत सिंह-
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने केतन पारेख के खिलाफ 65 करोड़ रुपये के फ्रंट-रनिंग घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें उनकी पत्नी ममता पारेख के नाम पर पंजीकृत मोबाइल नंबर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
SEBI की जांच के दौरान, ममता पारेख के आधार कार्ड से जुड़ा एक मोबाइल नंबर (XXX0308243) पाया गया, जो केतन पारेख के अन्य मोबाइल नंबरों के नेटवर्क का हिस्सा था। इन नंबरों का उपयोग केतन पारेख और उनके सहयोगियों द्वारा फ्रंट-रनिंग गतिविधियों में किया जा रहा था। सेबी के विश्लेषकों ने पाया कि पारेख ने विभिन्न नामों से कम से कम 10 मोबाइल नंबर पंजीकृत किए थे, जो सभी उनके मुंबई स्थित आवास से संचालित हो रहे थे। इन नंबरों की लोकेशन डेटा के विश्लेषण से पता चला कि ये नंबर पारेख के साथ विभिन्न स्थानों पर यात्रा कर रहे थे, जिससे उनकी गतिविधियों का पता चला।

15 मार्च 2023 को सेबी कार्यालय में एक मुलाकात के दौरान, केतन पारेख ने अपने आधार कार्ड की प्रति प्रस्तुत की, जिसमें उक्त मोबाइल नंबर दर्ज था। सेबी के जांचकर्ताओं ने नोट किया कि यह नंबर उनकी पत्नी के आधार कार्ड से भी जुड़ा हुआ है। 12 दिसंबर 2023 को सेबी को दिए गए एक बयान में, पारेख ने पुष्टि की कि यह नंबर उनकी पत्नी का है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस मोबाइल नंबर का उपयोग उनके ऑपरेशन में एक प्रमुख उपकरण के रूप में किया जा रहा था। इस जानकारी के आधार पर, सेबी ने इन मोबाइल नंबरों की लोकेशन डेटा का विश्लेषण किया और पारेख की गतिविधियों का पता लगाया, जिससे उनके फ्रंट-रनिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।
इस प्रकार, ममता पारेख के नाम पर पंजीकृत मोबाइल नंबर की भूमिका सेबी की जांच में महत्वपूर्ण साबित हुई, जिससे केतन पारेख के अवैध गतिविधियों का खुलासा संभव हो सका।
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