अभिषेक उपाध्याय-
कुमार विश्वास बेसिकली एक कलाकार हैं। जब किसी मुशायरे के मंच पर जाते हैं तो गंगा जमुनी तहजीब की ऐसी इबारतें पढ़ते हैं कि लगता है कि देश में सेक्युलरिज़म का जन्म कुमार के जन्म के साथ ही हुआ है।
जब क़रीब 25-30 लाख प्रति 15 मिनट के रेट में कोई रामकथा उठाते हैं तो राम रस से उसी तरह सराबोर हो जाते हैं, जैसे बारिश के दिनों में यूपी के जरवल रोड की घाघरा नदी !!
छत्तीसगढ़ में तो 60 लाख पकड़ने की ख़बर भी आई थी!! उस रोज़ भगवान को भी पहली बार मालूम हुआ था कि उसकी भक्ति के शेयर अपनी exponential growth में अड़ानी और अंबानी को भी पीछे छोड़ चुके हैं!!
भगवान के बस में होता तो कुमार को उसी रोज़ राज्यसभा भेज देता!! उस रोज़ भगवान ने ख़ुद को शायद पहली बार लाचार महसूस किया होगा!!
जब उन्हें माहौल में सुरूर लाने के लिए तालियाँ बजवानी होती है तो वे अपने 18+ चुटकुलों के खजाने से ऐसे ऐसे एटम बम फोड़ते हैं कि ख़ुद कपिल शर्मा को अस्तित्व के सुरक्षित बंकरों की तलाश में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मदद मांगने की नौबत आ जाती है!!
और जब राजनीतिक महत्वाकांक्षा के हिलोरों में उन्हें हिंदूवादी राजनीति में आस नज़र आ जाती है तो वे किसी शत्रुघ्न सिंहा की भौतिक रामायण में शाब्दिक महाभारत की भरमार कर देते हैं!!!
किसी सोनाक्षी सिंहा की मर्यादा को चार तालियों की टंकार में कुचलकर अपनी अद्भुत अभिनय क्षमता से किसी शक्ति कपूर के किरदार को भी आक्रांत करते नज़र आते हैं!!
उन्हें अगर इनाम में राज्यसभा न मिल सके तो दादा साहब फाल्के तो ज़रूर मिलना चाहिए!!!!
मोहम्मद ज़ाहिद-
दो कौड़ी के कवि कुमार विश्वास को मंच पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मुनव्वर राना और राहत इंदौरी ने दी थी , गल्फ देशों में प्रोग्राम देकर पैसे भी कसवाए तब कुमार विश्वास इस्लाम और मुसलमानों की खूबसूरती का बखान करके तालियां बटोरता था।
आज बदले हालात में यह लोगों को सुझाव दे रहा है कि
“कहीं ऐसा ना हो कि आपके घर का नाम रामायण हो और आपके घर की लक्ष्मी कोई और ले जाए”
यह सीधे सीधे सोनाक्षी सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा पर हमला है क्योंकि शत्रुघ्न सिन्हा के घर का नाम “रामायण” है।
चिरकुट को बताया जाए की लक्ष्मी को कोई और नहीं ले गया बल्कि लक्ष्मी कोई और को लेकर गयी है और सोनाक्षी सिन्हा ने तमाम मंचों से कबूला है कि उन्होंने पहले प्रपोज किया था जिसका जवाब उन्हें कई साल बाद मिला था और वह तब तक इंतज़ार करती रहीं।
अनिल जैन-
बेशुमार बकवास उर्फ कुमार विश्वास ने सोनाक्षी सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा पर जो तंज कसा है, वह उसके घटिया चरित्र के अनुरूप ही है.
मैं उसे अण्णा हजारे की नौटंकी के समय से जानता हूं. उस दौर में उसने अण्णा-केजरीवाल एंड कंपनी की नौटंकी पर मेरे एक लेख को लेकर मेरे संपादक से मेरे खिलाफ शिकायत भी थी, जिस पर मैंने अगले दिन फिर उसी अंदाज में एक लेख और लिखा था.
दरअसल वह शुरू से ही लंपट है. जब 2014 में वह चुनाव लड़ने अमेठी गया था तो वहां भी उसने एक घिनौना कांड करते हुए पकड़ा गया था. लाखों रुपए खर्च करने के बाद किसी तरह बचा था.
उसमें और ‘बागेश्वर धाम’ वाले लंपट धीरेंद्र शास्त्री में कोई फर्क नहीं है. उसे मंचीय कवियों में धीरेंद्र शास्त्री भी कहा जा सकता है. केजरीवाल ने जब से उसे अपनी पार्टी से धकियाया है तब से वह बुरी तरह फ्रस्ट्रेशन का शिकार है.
देखें कुमार विश्वास वाला वो वीडियो-
https://x.com/sanjayjourno/status/1870701132072263746?s=46



