विकास सिंह-
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिला अंतर्गत के बढ़नी क्षेत्र के ग्राम दुधवनिया बुजुर्ग निवासी व वरिष्ठ पत्रकार, लेखक कुतबुल्लाह खान (76) का लखनऊ में इलाज के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन पर जिले व क्षेत्र के तमाम पत्रकारों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है।

बढ़नी क्षेत्र के निवासी व वरिष्ठ कलमकार कुतबुल्लाह खान रोजनामा राष्ट्रीय सहारा, गोरखपुर के संपादकीय प्रभारी रहे। उन्होंने राष्ट्रीय सहारा के अलावा राष्ट्रीय आवाज, कौमी आवाज में भी अपने कलम का लोहा मनवाया। उन्होंने सम सामायिक विषयों पर कई किताबें भी लिखी। सोमवार सुबह लखनऊ में इलाज के दरम्यान उनका निधन हो गया। उन्हें रात्रि 8 बजे पैतृक गांव दुधवनिया बुजुर्ग में सुपुर्देखाक किया गया।
प्रदेश के नामचीन पत्रकारों में शुमार सिद्धार्थनगर के गौरव, कुतबुल्लाह खान के निधन पर वरिष्ठ पत्रकार यशोदा श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश गुप्त, सलमान आमिर, अजय प्रताप गुप्त, परमात्मा उपाध्याय, बलराम त्रिपाठी, डॉ. दिनेश पांडेय, मुस्तन शेरुल्लाह, सगीर अहमद, मोहम्मद आजाद फैजी, चंदालाल, मनोहर प्रसाद आदि ने शोक व्यक्त किया है।
इसके अलावा वरिष्ठ नेता बदरे आलम, उत्तर प्रदेश वॉलीबाल संघ के कोषाध्यक्ष मो. इब्राहिम, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष राजकुमार शाही, अकील अहमद, हैदर आलम, करम हुसैन इदरीसी, खलकुल्लाह खान, डॉ. नदीम अहमद, डॉ. खुबैर अहमद, महबूब आलम, मकबूल अहमद, जावेद अहमद, शकील अहमद आदि ने शोक जताते हुए हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित की है।
बढ़नी में वरिष्ठ पत्रकार कुतबुल्लाह खान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई, डाक बंगले में पत्रकारों ने एक शोकसभा भी की।
सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी कस्बा स्थित पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर वरिष्ठ पत्रकार कुतबुल्लाह खान के निधन पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के पत्रकारों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने उनके लेखन शैली, पत्रकारिता के प्रति समर्पण और सौम्य व्यक्तित्व पर चर्चा कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
बुधवार को आयोजित शोकसभा की अध्यक्षता करते वरिष्ठ पत्रकार सलमान हिंदी ने बताया कि बड़े भाई कुतबुल्लाह खान ने प्रारंभिक शिक्षा दुधवनिया से करके उच्च शिक्षा लखनऊ से प्राप्त की। वहीं से वकालत और डाक्टरेट भी किए।
पत्रकारिता में कौमी आवाज के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सहारा (उर्दू), लखनऊ में अपनी सेवा दी। इस दौरान वो गोरखपुर, कोलकाता आदि में संपादकीय प्रभारी रहे। उन्होंने उर्दू पत्रकारिता को नया आयाम दिया और कई किताबें भी लिखी, वो सच्चाई के पक्षधर रहे। वो सदैव समाचारों का संकलन, प्रस्तुतीकरण और उसके प्रेषण की बारीकियों से पत्रकारों को रूबरू कराते रहे।

शोक सभा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार अजय प्रताप गुप्त ने किया जबकि ‘हाड़ा’ विकास सिंह, चंदालाल, रवि शुक्ला, पवन यादव, पवन पाठक, उजैर खान, धीरेंद्र त्रिपाठी, संजय पाठक सहित कई पत्रकारों ने बारी-बारी से अपने विचार व्यक्त किए। अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। क्षेत्र के परमात्मा उपाध्याय, दिनेश पांडेय, मुस्तन शेरूल्लाह, रमेश शुक्ला, मनोहर प्रसाद, नन्दलाल, शैलेंद्र पांडेय आदि पत्रकारों ने शोक जताया।


