इंडिया टुडे ग्रुप की वेबसाइट लल्नटॉप की शर्मनाक हरकत

इंडिया टुडे ग्रुप की बेवसाइट्स द लल्लनटॉप ने अपने एक आर्टकिल में मैग्सेसे विनर दलित समुदाय के बेजवाड़ा विल्सन को गू ढोने वाला बताया है। आर्टकिल का शीर्षक है- “गू उठाने वाला बंदा मैग्सेसे जीत लाया”। सब हेड है- “जन्म के बाद पता चला कि जिंदगी भर दूसरों की टट्टी फेंकनी है, पर इरादे थे कुछ और”। अब जानिए हकीकत क्या है। बेजवाड़ा विल्सन ने खुद कभी मैला नहीं ढोया और वे साल 1986 से मैला ढोने जैसे अमानवीय काम के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।

बेजवाड़ा विल्सन ने पढ़ाई के दौरान ठान लिया था कि वह मैला ढोने वाला काम कभी नहीं करेंगे। लेकिन इंडिया टुडे ग्रुप के पत्रकारों को भी ये मामूली सी बात मालूम नहीं है। बेजवाड़ा विल्सन ने न खुद मैला ढोया और न दूसरों को ढोने दिया. वह इस अमानवीय काम के खिलाफ लड़ते हैं और इसी कारण उन्हें एवार्ड मिला है। पर इंडिया टुडे ग्रुप की वेबसाइट में खबर लगाने वाले ने उन्हें गू ढोने वाला लिख दिया। लोग पूछ रहे हैं कि क्या द लल्लनटॉप के संपादक सौरव द्विवेदी और इंडिया टुडे ग्रुप के मालिक अरुण पुरी अपने घर में ‘गू’ बोलते होंगे, हगना कहते होंगे? अगर नहीं तो फिर ऐसी भाषा किसी दूसरे के लिए कैसे लिखी जा सकती है? 



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