मजीठिया वेज बोर्ड मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में हो रही देरी पर यशवंत ने मुख्य न्यायाधीश को भेजा पत्र

देश भर के सैकड़ों लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अखबार मालिकों द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड न दिए जाने के खिलाफ अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट में लगा रखी है. भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने भी सैकड़ों मीडियाकर्मियों का प्रतिनिधित्व करते हुए कई मीडिया हाउसों के मालिकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका एडवोकेट उमेश शर्मा के माध्यम से दायर कर रखी है. इन सारी याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई इकट्ठे करता है. सुप्रीम कोर्ट ने कई महीनों पहले सुनवाई के दौरान आदेश दिया कि श्रम विभाग के स्पेशल अधिकारी मजीठिया वेज बोर्ड की रिपोर्ट लागू किए जाने को लेकर स्टेटस रिपोर्ट बनाकर कोर्ट में सबमिट करें, उसके बाद अगली सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को मीडिया मालिकों और मीडिया मालिकों की भक्त केंद्र व राज्य सरकारों ने एक तगड़ा मौका मान लिया और स्टेटस रिपोर्ट भेजने को लेकर हीलाहवाली शुरू कर दिया. कई राज्यों की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट जा चुकी है और कई राज्यों की जानी बाकी है. सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने का वक्त दिया था लेकिन अब डबल तीन महीने होने जा रहे हैं. ऐसे में मीडियाकर्मियों की चिंता बढ़ती जा रही है. तरह तरह की अफवाहों चर्चाओं को पंख लगने लगे हैं.

सबसे ताजी चर्चा ये है कि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में जो जस्टिस गांगुली मजीठिया वेज बोर्ड के मामले को देख रहे हैं, वे काफी सख्त व ईमानदार छवि वाले हैं. उनका रिटायरमेंट साल दो साल में होने वाला है. तब तक मीडिया मालिक और सरकारें मजीठिया मसले को लटका कर रखेंगी ताकि इनके कार्यकाल में कोई फैसला न आ सके. जस्टिस गांगुली के रिटायर होते ही पूरा मामला किसी ऐसे बेंच को सौंप दिया जाएगा जो लीपपोत कर सब कुछ बराबर कर देगा. इन चर्चाओं में कितनी सच्चाई है, इस बारे में तो कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन मजीठिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट की लगातार एक्सटेंडेड चुप्पी की तरफ एक पत्र लिखकर भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह ने ध्यान दिलाया है. इस पत्र में मजीठिया मामले की जल्द सुनवाई की तारीख तय करने की गुहार की गई है. साथ ही कई अन्य तथ्यों की तरफ ध्यान दिलाया गया है.

यशवंत का लिखा पत्र पढ़ने के लिए नीचे क्लिक कर अगले पेज पर जाएं>

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Comments on “मजीठिया वेज बोर्ड मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में हो रही देरी पर यशवंत ने मुख्य न्यायाधीश को भेजा पत्र

  • Lakshay Sharma says:

    hats off to you yashvant sir…if there is any news network which is working hard in this case to help all the journalists is “bhadas 4 media”…and all credit goes to you…

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  • raju chauhan says:

    Majithia mamle ki sunwai par an jyadatar employees ka manneeya ucch nyalaya yani sarvocch nyayepalika sent bhi moh bhang hora ja raha hai. An to say ko lagne laga hai me sc kewal
    mantrion air business gharano me like hi sochati hai air him logon ko nyaye me naam par much nahi milega. Mujhe to yeah chinta ho hai me mera beta parhne mein tez hai air 16.5 sal ki umra mein march mein 10+2 kar legs non medical se air for mein use bams karwana chahta hook. Lekin 5.5 years ka lagbhag 5 lacs ka kharcha hai. Apna bank balance 0 hai. Wise mein mujhe uski parhai band karni pace gi air use kahi kam par lagana yoga. To nabalig bete se kam karwane ka zurm karna merit mazboori hogi air iski sari zimmedari sarkar aur nayepalika ki hogi.kyuke majithia wages ka mamla be had shoshit varg se juda hai air sc isko general case ki tarah deal kar raha hai, kendra sarkar much kar nahi rahi hai to wise mein 7_10 hazar pane wale employees kya karein. Isliye mera to niji vicchar yeah hai me sarkar air sc nahin chahte me in garbon me bacchon ko shiksha mile. Air yeah log pet bhar roti kha sake in. Malik log to pehle hi kehte gain me into agar roti de do to yeah log kam nahi karte. To nyayepalika bhi shayed unhi ki tarah soch kar unke jaisa hi nyaye karegi.
    Raju chauhan

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  • Dainik Bhaskar management very confident for pendency of the case for years. The group hardened it’s stand toward employees who have file cases. one time it’s MD commented that employees will have to wait for decades for any relief from SC. Virtually, they will get nothing after filing case against the company. If SC does not take up immediately, it will favor such media mafia.

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