एक जरूरी पोस्ट- लॉक डाउन से दिल्ली-लखनऊ में कोई परेशान हो तो उसे ये जरूर बताएं!

Indu saxena : लखनऊ में बहुत लोग इस बंदी के कारण कई दिनों से भूखे सो रहे हैं. जो लोग लखनऊ में बाहर से पढ़ने कमाने या और काम के चलते आए हैं, जिनके पास इंतजाम नहीं है, बहुतों के पास खाने का ठिकाना नहीं है, ऐसे लोग बहुत बुरी तरीके से लखनऊ में फंसे हैं. कई दिनों से रेस्टोरेंट ठेले पर बाटी चोखा पूरी सब्जी जो खाकर पेट भरते थे, बंदी होने के कारण वो कुछ नहीं खा पा रहे हैं. उनके पास बर्तन चूल्हा नहीं है.

कई वजहों से बहुत सारे लोग भूखे सो रहे हैं. इनके लिए योग सोशल सोसायटी के तरफ से चिनहट तिराहा पुलिस चौकी के पास, गोमती नगर में एल्डिको चौराहा विकल्प खंड और डिस्टिक कंज्यूमर कोर्ट के बगल में खाने के पैकेट का इंतजाम किया जा रहा है.

जिन लोगों के मित्र शुभचिंतक इन जगहों पर फंसे हैं, आसपास के या जिसके पास भी संदेश पहुंचे, उसके पास खाने का व्यवस्था ना हो तो इस नंबर पर कॉल करें. उनके पास खाने का पैकेट अवश्य पहुंचेगा. कृपया फोन करें या मिस कॉल करें या व्हाट्सएप करें. नंबर है- 7523 90 8844 या दूसरा नंबर 98380 42421. कृपया शर्म ना करें. इस महामारी से निपटने के लिए हमें भी सेवा करने का अवसर दें. आप फंसे हैं तो मेरा धर्म है कि आपको भूखे ना सोने दें.


Tara Shanker : दिल्ली में रहने वाले ध्यान दें:

  • दिल्ली में कोरोना के चलते कोई ग़रीब मजदूर या बेघर या ज़रुरतमंद अपने घर नहीं जा पाया हो तो दिल्ली के इन 234 रैन बसेरों का पता दें! ज़िलेवार लिस्ट, क्लिक करें- List for homeless
  • दिल्ली के 72 लाख लोगों को (जिनके पास राशनकार्ड है) सरकार की तरफ़ से 7.5 kg राशन मुफ़्त दिया जायेगा! जिसमें गेंहूँ चावल और चीनी शामिल हैं! अप्रैल माह का राशन इस महीने के अंत से ही मिलना शुरू हो जायेगा!
  • दिल्ली के सभी कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को एकमुश्त 5000 रूपये सरकार की तरफ से दिया जायेगा
  • विधवा, विक्लांग, वृद्धा पेंशन कोरोना के चलते अब दोगुना दिया जायेगा
  • पूरी दिल्ली में 234 रैन बसेरे हैं जिनमें सोने की व्यवस्था के अलावा इनमें लंच और डिनर दोनों दिया जायेगा! (लिस्ट कमेंट बॉक्स में लगा रहा हूँ)
  • जो भी मकान मालिक हैं वो अपने किरायेदारों से किराया न दे पाने की स्थिति में, किराया देने के लिए मजबूर नहीं करें! वो एक-दो महीना टाल सकते हैं!

नोट: पिछले दो दिनों में दिल्ली में कोरोना का कोई भी नया मामला नहीं आया है!

याद रखें!

कोरोना से पीड़ित 80% संक्रमित लोग ख़ुद से ठीक हो जाते हैं!

बाकी 20% भी सही उपचार से ठीक हो जाते हैं!

कोरोना से मृत्युदर मुश्किल से एक-दो प्रतिशत है!

लेकिन फैलता ये बहुत तेज़ है इसलिए लॉकडाउन का पालन करें!

पैनिक न करें! अफ़वाहों पर न जाएँ!

भूल कर भी आँख न मलें, नाक न खोदें

बिना साबुन से हाथ धुलें कुछ भी न खायें! और न ही छुयें!

आदमियों के संपर्क से बचें!

मजबूरी में ज़रूरी काम से निकलना पड़े बाहर तो उचित दूरी (1 मीटर बनाये रखें)

खांसते या छींकते समय मुँह और नाक को ढंकें!

भीड़ से बचें लेकिन दूसरों के प्रति क्रूर न बनें!

फ़र्ज़ी बातें न सुनें न फैलाएं! सिर्फ़ सरकार, डॉक्टर, या WHO जैसे ऑथेंटिक स्रोतों पर ही भरोसा करें!

अगर आप किसी होटल, लॉज या ऐसी जगह फँस गए हों और पैसे ख़त्म हो चुके हों तो वो घबरायें नहीं! इस परिस्थिति में कोई भी होटल/मोटेल, लॉज, गेस्टहाउस मालिक आपसे ज़बरन किराया नहीं माँग सकता और न ही वो तुम्हें ज़बरन निकाल सकता है 15 अप्रैल तक! कुछ न समझ में आये तो पुलिस को कॉल करें!

बीमार हों तो एम्बुलेंस को कॉल करें! वैसे जिला प्रशासन पूरी तरह फंक्शनल है! लॉक डाउन बहुत अपरिहार्य परिस्थितियों में लागू किया गया है, उसका पालन करें! जो साथी अपने घरों में सुरक्षित हैं दूसरों की मदद के लिए तैयार रहें! घरों के बाहर गली के कुत्तों, बिल्लियों और गायों के लिए भी कुछ इंतज़ाम करें!

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बिना योजना मोदीजी ने फिर भगदड़ मचा दिया… अबकी किसान, आदिवासी और बेरोजगार भुगतेंगे!

हर समस्या के लिए पब्लिक को जिम्मेदार ठहराने वाले इस हरामखोर मिडिल क्लास को पहचानिए!

दुनिया भर से लॉकडाउन की खबरें थीं, हमारी सरकार ने तैयारी क्यों नहीं की?

क्या मोदीजी नहीं समझते हैं कि इसके बिना लॉक डाउन फेल हो जाएगा?

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