महिला पत्रकार और उनकी बहन से बनारस में खुलेआम पांच लफंगों ने की छेड़छाड़, 100 नंबर काम न आया

Arundhati Pal : वाह रे बनारस की व्यवस्था.. वाह रे बनारस के लोग… शर्म आ गयी आज बनारसी होने पर. बड़े गर्व के साथ बनारस का नाम लेती थी लेकिन आज जब होली के मौके पर बनारस आई तो शर्म आ गयी। आज करीब 8.30 बजे लंका के पास मेरे और मेरी बहन के साथ कुछ 5 लड़कों ने मिल कर सरेआम छेड़खानी शुरू कर दी.. वहाँ मौजूद मेरे पुरुष मित्र के मना करने पर उन्होंने मारपीट गालीगलौज शुरू कर दी..

इमरजेंसी नंबर 100 न जाने कितनी बार डायल किया नबंर कनेक्ट नही हुआ और कनेक्ट हुआ भी तो किसी ने रिसीव नही किया और जब रिसीव किया भी तो उधर से हेल्लो की आवाज़ आते ही कॉल डिसकनेक्ट हो गयी..इसके बाद वहां से कॉल बैक का तो चांस ही नही.. करीब 9 बार कॉल किया मैंने..

क्या यही व्यवस्था है आप लोगो की Varanasi police ?

क्या घर की बेटीयों को भी ऐसी ही सुरक्षा देते हैं आप लोग?

और हां, वारदात के दौरान पब्लिक में खड़े 50-60 लड़कों में से सिर्फ एक लड़का हमारी मदद करने की लिए निकला उसको भी उन 5 लड़को ने पीटना शुरू कर दिया.. बाकि खुद को खांटी बनारसी कहने वाले कायर तमाशा देख रहे थे।

Narendra Modi सर, सत्ता बदलने के बाद अब व्यवस्था बदलने की उम्मीद रखते हैं.

दैनिक भास्कर समूह से जुड़ी और हरियाणा के करनाल में कार्यरत महिला पत्रकार अरुंधती पाल की एफबी वॉल से.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code