मंगलुरु, 16 मई — कन्नड़ दैनिक वर्ता भारती और इसके संपादक बीएम बशीर के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे भड़काऊ और फर्जी प्रचार अभियान को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत 15 मई को बशीर ने मंगलुरु साउथ पुलिस स्टेशन में दी थी, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 (1)(c) और 353(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
एफआईआर में संतोष हेगड़े, नितिन शमणूर, बेट्टंपडी चंद्रा और पुत्तूर न्यूज़ के संपादक का नाम शामिल है। बशीर ने बताया कि 15 मई को फेसबुक पर उनके नाम, उनके अखबार वर्ता भारती और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी फर्जी और भड़काऊ खबरें वायरल हुईं, जिनमें यह दावा किया गया कि बशीर के चचेरे भाई की पत्नी मारी गई हैं और वह ISIS की सक्रिय सदस्य थीं।
यह पोस्ट “ऑपरेशन सिंदूर: कन्नड़ पत्रकार के रिश्तेदार की पत्नी ढेर” शीर्षक से वायरल हुई, जिसमें एक महिला की तस्वीर और एक मलबे पर खड़े सैन्यकर्मियों की तस्वीर भी साझा की गई है। तस्वीरों की सत्यता स्पष्ट नहीं है। पुत्तूर न्यूज़ वेबसाइट ने भी यह फर्जी खबर चलाई, हालांकि उन्होंने बशीर या वर्ता भारती का नाम नहीं लिया।
बशीर ने शिकायत में बताया कि वह पिछले 22 वर्षों से वर्ता भारती में न्यूज़ एडिटर हैं और तीन दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वह एक प्रतिष्ठित कन्नड़ लेखक भी हैं और उन्हें कई साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें पी. लंकेश के नाम पर स्थापित लंकेश पुरस्कार भी शामिल है।
Campaign Against Hate Speech नामक संगठन ने भी मंगलुरु पुलिस आयुक्त अनुपम अग्रवाल को शिकायत देकर सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि बशीर की रिश्तेदार बताई जा रही महिला वास्तव में दीप्थि मार्ला हैं, जिन्होंने इस्लाम कबूलकर नाम मरियम रखा था और जिन्हें NIA ने ISIS से संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया था।
अधिवक्ता और इस अभियान से जुड़ी मणवी अत्री ने बताया कि वर्ता भारती की निर्भीक पत्रकारिता के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “उन्हें पाकिस्तान का मुखपत्र कहना न केवल तथ्यहीन है, बल्कि यह कानून का उल्लंघन भी है।”
फर्जी सूचनाओं का उभार
मंगलुरु पुलिस हाल ही में कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ फर्जी और भड़काऊ पोस्ट डालने के लिए केस दर्ज कर चुकी है। 27 अप्रैल को मंगलुरु में अशरफ नामक मुस्लिम व्यक्ति की लिंचिंग और 1 मई को ‘रॉडी शीटर’ सुहास शेट्टी की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर तेज हो गया।
बाजपे पुलिस थाने के हेड कांस्टेबल ने एक सोशल मीडिया यूजर और एक हिंदुत्व नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें उन्हें सुहास शेट्टी के हत्यारों से मिलीभगत के आरोप में बदनाम किया गया था।
दक्षिण कन्नड़ जिले में बेल्थांगडी के विधायक हरीश पूंजा और ग्राम पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ भी घृणा फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
उधर, कर्नाटक की सेना की पहली महिला कर्नल सोफिया कुरैशी को भी अफवाहों का शिकार बनाया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि उनके ससुराल पर आरएसएस कार्यकर्ताओं ने हमला किया, जबकि बेलगावी एसपी भीमशंकर गुलेड़ ने इसे सिरे से खारिज किया।


