Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

मिश्रा जी के मूतने को दिलीप मंडल ने दिया ब्राह्मणवादी एंगल!

Dilip C Mandal-

क्या आप इसलिए किसी के माथे पर मूत देंगे क्योंकि आपने पूरी बोतल शराब पी रखी है?

मेरे ख़्याल से एक निम्नवर्गीय-निम्नवर्णीय या उच्चवर्गीय-निम्न या मध्य वर्णीय व्यक्ति कितनी भी शराब पी ले, ये हरकत नहीं करेगा।

ये शराब का मामला ही नहीं है। ये कोई और नशा है।

शंकर मिश्रा

ये जो दूसरे के सिर पर मूत देने का अंहकार है ये जन्मों के संचित सामाजिक पूँजी से आता है। ये हर कोई नहीं कर सकता।

ये जन्मजात श्रेष्ठता बोध का नशा है।

ये काम वही कर सकता है, जिसे ये बोध हो कि मेरे लोग या मेरे समुदायों के लोग हर बड़ी जगह- पुलिस, कोर्ट, मीडिया में हैं। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उसे अक्सर बचा भी लिया जाता है।

लेकिन इसका एक गंभीर ख़तरा है।

सामाजिक और जातीय सम्पर्कों की पूँजी से पैदा हुआ अहंकार आपको या आपके बच्चे को लापरवाह और अपराधी बना सकता है।

भारत और भारतीय कंपनी आपके इस अहंकार को शायद झेल ले। अमेरिका की Wells Fargo जैसी कंपनी आपके शरीर के पिछले अंग पर लात मार देगी।

कृपया ऐसे जातीय और वर्गीय अहंकार से बचें।

अपराधी न बनें।

बच्चों को बताएँ।

दूसरों के सिर को पेशाबघर न समझें।

प्लीज़।

दिलीप मंडल वरिष्ठ पत्रकार हैं और सोशल मीडिया पर बहुजन समाज के उत्थान के लिए सतत सक्रिय रहते हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन