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मजीठिया वेज बोर्ड मामले में दैनिक भास्कर हिसार के संपादक हिमांशु घिल्डियाल को पत्रकारों का मुंहतोड़ जवाब

हिसार दैनिक भास्कर के संपादक हिमांशु घिल्डियाल को पत्रकारों ने आइना दिखा दिया है। जनाब ने सोमवार शाम को भिवानी ऑफिस में मजीठिया को लेकर केस करने वाले एक पत्रकार को अपने ऑफिस में तलब किया। मुलाकात की शुरुआत में उन्होंने कर्मी को डराने की कोशिश करते हुए कहा कि प्रबंधन उनका तबादला करने जा रहा है। वे कभी इस लड़ाई को नहीं जीत सकते। इस पर पत्रकार ने कहा कि आप अगर सोचते हैं कि इस लड़ाई में मैं अकेला हूं तो ये आपकी गलतफहमी है। रही तबादले की बात तो आप करवाके देख लीजिए। आपको अपने और पत्रकारों के पानी का पता चल जाएगा।

हिसार दैनिक भास्कर के संपादक हिमांशु घिल्डियाल को पत्रकारों ने आइना दिखा दिया है। जनाब ने सोमवार शाम को भिवानी ऑफिस में मजीठिया को लेकर केस करने वाले एक पत्रकार को अपने ऑफिस में तलब किया। मुलाकात की शुरुआत में उन्होंने कर्मी को डराने की कोशिश करते हुए कहा कि प्रबंधन उनका तबादला करने जा रहा है। वे कभी इस लड़ाई को नहीं जीत सकते। इस पर पत्रकार ने कहा कि आप अगर सोचते हैं कि इस लड़ाई में मैं अकेला हूं तो ये आपकी गलतफहमी है। रही तबादले की बात तो आप करवाके देख लीजिए। आपको अपने और पत्रकारों के पानी का पता चल जाएगा।

इस पर अपनी आदत के अनुसार यू टर्न लेते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी ने पत्रकारों के लिए बहुत कुछ किया है, इसलिए लड़ाई से ज्यादा समझ से काम लेते हुए केस वापस ले लेना चाहिए। इस पर कर्मचारियों ने कहा- ”पिछले इलेक्शन में आपने राजनैतिक पार्टियों से दो नंबर का विज्ञापन लेकर सात लाख रुपये कमा लिए और देखते ही देखते खटारा कार की जगह लग्जरी कार में घूमने लगे। हिसार में आकर बड़ा घर खड़ा कर लिया। दीवाली पर गिफ्ट से घर भर लिया। कर्मचारियों को तो आज भी अपने बच्चों की फीस के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कर्मचारी नहीं चाहते कि भास्कर समूह का नुकसान हो, वे तो चाहते हैं कि ग्रुप तरक्की करे लेकिन यह कर्मचारियों के हक पर डाका मारकर नहीं हो सकेगा।”

यह जवाब सुनकर संपादक अपना मुंह लटकाकर रह गए। वहीं चंडीगढ़ से एचआर हेड के भी हिसार पहुंचने की खबर है। मान मनुहार और दबाव से काम लेने की अभी तक रणनीति काम नहीं आई है। हिसार जोन से करीबन 90 प्रतिशत पत्रकारों ने मुकदमा ठोका है। अब बस इसी तरह एक होकर संपादक रूपी मैनजेमेंट के दलालों से मुकाबले की हिम्मत दिखानी है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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2 Comments

2 Comments

  1. manmohan shrivastav

    February 12, 2015 at 1:27 pm

    संघर्ष पथ पर चलने के​ लिए शुभकामनाएं

  2. anjan

    February 16, 2015 at 8:13 am

    Bhaskar KOtA sanskaran se bhi 90 % karmchariyon ne supreem cort men case kar diya hai.

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