Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

शब्दचर्चा (21): NBT, TV9 के ‘नरक’ और भास्कर, ABP के ‘नर्क’ में सही क्या है?

ब्रिटेन के सबसे अमीर लोगों में शामिल यॉन फ़्रेद्रिकसन ने पिछले दिनों ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों के प्रति नाराज़गी जताते हुए दुबई शिफ़्ट करने का फ़ैसला किया। फ़्रेद्रिकसन ने अपना ग़ुस्सा जताते हुए कहा – Britain has gone to hell.

आपने Go to hell (जहन्नुम में जाओ) सुना होगा जो किसी के विचारों या काम के प्रति क्षोभ जताते हुए कहा जाता है। परंतु Gone to hell शायद नहीं सुना होगा। इसका मतलब है कि किसी जगह या संस्थान के हालात का इतना बुरा हो जाना कि बरबादी के आसार नज़र आने लगें।

लेकिन हिंदी मीडिया ने उनके कहे का शाब्दिक अर्थ लिया और यह ख़बर छापते हुए HELL यानी जहन्नुम के लिए ‘नरक’/‘नर्क’ शब्द का इस्तेमाल किया।

नवभारत टाइम्स, पंजाब केसरी, TV9 भारतवर्ष और Zee न्यूज़ ने लिखा ‘नरक’ तो Zee Business और ABP न्यूज़ ने लिखा ‘नर्क’। भास्कर और जागरण की वेबसाइटों में हालाँकि यह ख़बर नहीं दिखी लेकिन भास्कर की दूसरी ख़बरों में ‘नर्क’ लिखा मिला जबकि जागरण की ख़बरों में ‘नरक’ और ‘नर्क’ दोनों दिखे।

सही है नरक। यह संस्कृत से आया है और संस्कृत में यही है – नरक। नरक को कुछ लोग नर्क क्यों लिख या बोल रहे हैं, यह समझना मुश्किल नहीं है। कारण, नरक और स्वर्ग का ज़िक्र कई बार साथ-साथ किया जाता है। स्वर्ग और नरक। अब चूँकि स्वर्ग में ‘र’ आधा है (र्) तो कुछ लोगों ने नरक में भी ‘र’ को आधा कर दिया। बोलने लगे – स्वर्ग और नर्क।

लेकिन सही शब्द नरक ही है। इसीलिए जब इससे विशेषण बनाते हैं तो बनता है नारकीय (नरक+ ईय = नारकीय, नरक के समान) न कि नार्कीय। अगर मूल शब्द नर्क होता तो उससे बनता नार्कीय।

पिछली शब्दचर्चा…

शब्दचर्चा (पार्ट 20): FORENSIC शब्द को हिंदी मीडिया चार अलग तरीकों से लिखता है?

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन