वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर पत्रकारों पर निजी हमले को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उनके निशाने पर हैं CNN की सीनियर नेशनल सिक्योरिटी रिपोर्टर नताशा बर्ट्रेंड, जिनके खिलाफ ट्रंप सोशल मीडिया पर तीखे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बर्ट्रेंड को “झूठी”, “देशद्रोही” और “सीएनएन को बर्बाद करने वाली” करार दिया है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि CNN को उन्हें तुरंत नौकरी से निकाल देना चाहिए।
क्या है पूरा विवाद?
द न्यूज बीस्ट, याहू और सीएनएन में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में अमेरिका ने ईरान के कुछ संदिग्ध परमाणु ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सरकारी दावों में इसे बड़ी सैन्य सफलता बताया गया, लेकिन नताशा बर्ट्रेंड और उनकी टीम ने शुरुआती खुफिया सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी कि हमला उतना असरदार नहीं रहा, जितना प्रचारित किया जा रहा है। बस, यहीं से ट्रंप का गुस्सा भड़क उठा।
ट्रंप ने क्या-क्या कहा?
ट्रंप ने Truth Social पर कई पोस्ट करते हुए बर्ट्रेंड को “फेक न्यूज की पोस्टर गर्ल” कहा। उन्होंने लिखा— “मैंने उन्हें तीन दिन तक झूठ फैलाते देखा। Natasha Bertrand को CNN से फायर कर देना चाहिए। ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी महान रहे CNN को तबाह कर दिया है।” ट्रंप का दावा है कि बर्ट्रेंड ने अमेरिकी फौज और पायलटों की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
नताशा बर्ट्रेंड कौन हैं?
नताशा बर्ट्रेंड फिलहाल CNN में राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों की संवाददाता हैं और वॉशिंगटन डीसी में तैनात हैं। उन्होंने वासर कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और फिलॉसफी में डबल डिग्री हासिल की है। इससे पहले वे The Atlantic, Politico और Business Insider जैसी प्रतिष्ठित मीडिया संस्थाओं में काम कर चुकी हैं।
उनकी प्रमुख रिपोर्टिंग में गाज़ा में इजराइली हमले, अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन की गुप्त बीमारी और रूस की खुफिया फाइलों की गुमशुदगी शामिल हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध पर उनकी टीम की रिपोर्टिंग को एमी अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।
CNN ने क्या कहा?

CNN ने ट्रंप के आरोपों को खारिज करते हुए बर्ट्रेंड का पूरा समर्थन किया है। नेटवर्क का कहना है कि वह अपने रिपोर्टरों के साथ खड़ा है और निष्पक्ष व तथ्य आधारित पत्रकारिता करता रहेगा।


