टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नविका कुमार ने लोकसभा के भीतर चल रही कार्रवाई के कुछ वीडियो फुटेज एक्स पर पोस्ट किए हैं. चार की संख्या में इन वीडियोज को लेकर कांग्रेस सांसद आर सुधा ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर जांच की मांग की है.
कांग्रेस सांसद ने ट्वीट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि, “नविका के वीडियो का स्रोत सस्पेक्टेड है. जहां अन्य टीवी पत्रकार संसद टीवी के फुटेज का इस्तेमाल करते हैं, जो संसदीय कार्रवाही का आधिकारिक और एकमात्र प्रसारणकर्ता है. ऐसे में नविका को फ्रेश वीडियो कैसे मिले?”
वहीं, सांसद मयिलादुथुराई का कहना है कि, “नविका द्वारा साझा किए गए वीडियो के एंगल से पता चलता है या तो वे ट्रेजरी बेंच से शूट हुए या कथित तौर पर बिना मंजूरी के संसद टीवी से प्राप्त किए गए.”
यह तब है जब सांसदों को सदन के अंदर की कार्यवाही शूट करने की एवज में सस्पेंड किया जा चुका है. क्योंकि इसे संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन माना जाता है.
वीडियो में है क्या?

नविका कुमार ने विपक्षी सांसदों द्वारा सदन की कार्यवाही में व्यवधान दिखाने वाली वीडियो फुटेज पोस्ट कर लिखा है, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोलने के दौरान विपक्षी बेंचों में क्या हो रहा था, इसके नए वीडियो देखें और तय करें. लोकतंत्र को कौन ही बचाएगा.”
पिछले साल सस्पेंड हुए थे सांसद
बीते साल 2023 की फरवरी में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन की कार्यवाही को शूट करने के चलते कांग्रेस सांसद रजनी अशोकराव पाटिल को सस्पेंड कर दिया था. इस मुद्दे पर संसदीय विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट अभी भी लंबित है. सदन में धनखड़ ने कहा था कि, “यदि सदन की कार्यवाही की वीडियोग्रीाफी की जाती है, तो यह अपने आप में एक अपराध है.”
2016 में आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान को शून्यकाल नोटिस बैलट की वीडियोग्राफी करने के साथ-साथ संसद में प्रवेश करने के तरीके के लिए निलंबित कर दिया था. उन्हें संसद भवन की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए एक संसदीय पैनल द्वारा दोषी ठहराया गया था.
साल 2021 में सदन के तत्कालीन सभापति वेंकैया नायडू ने सांसदों से कहा था, “सदन की कार्यवाही की अनधिकृत रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया में इसके प्रसार से विशेषाधिकार का हनन और सदन की अवमानना हो सकती है.”
अब टाइम्स नाउ की नविका कुमार के इस तरह सदन के वीडियो फुटेज लीक करने को लेकर क्या कार्रवाई होती है, या नहीं होती है इंतजार करना पड़ेगा.


