ग्रेटर नोएडा वेस्ट, 12 मई 2025:
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के टेक ज़ोन-4 क्षेत्र में NBCC इंडिया लिमिटेड द्वारा चलाए जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। एक वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि कंपनी ने न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन किया है, बल्कि कर्मचारियों और वेंडर्स के साथ भी अन्यायपूर्ण व्यवहार किया है।
मुख्य आरोप:
हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई: स्थानीय लोगों का आरोप है कि NBCC द्वारा पहले पेड़ों की जड़ों में तेजाब या पेट्रोल डाला जाता है, जिससे वे सूख जाते हैं, और फिर रात के अंधेरे में उन्हें काट दिया जाता है। यह प्रक्रिया न केवल अवैध है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी घातक है।
निर्माण कार्यों से उत्पन्न प्रदूषण: निर्माण स्थलों पर धूल और धुएं का अत्यधिक स्तर है, जिससे आसपास के निवासियों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। इसके अलावा, रात में भी निर्माण कार्य जारी रहते हैं, जो कि नियमों के खिलाफ है।
कर्मचारियों और वेंडर्स के साथ अन्याय: वीडियो में यह भी बताया गया है कि कंपनी ने कई वेंडर्स का भुगतान रोक रखा है, जिससे वे आर्थिक संकट में हैं। कुछ कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उनके परिवार भूखे मरने की कगार पर हैं।
सरकारी एजेंसियों की निष्क्रियता: स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), नोएडा अथॉरिटी, और अन्य संबंधित विभागों से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में आक्रोश और निराशा है।
निवासियों की मांग:
NBCC के खिलाफ तत्काल जांच शुरू की जाए। पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों और वेंडर्स को उनका बकाया भुगतान तुरंत किया जाए। निर्माण कार्यों को निर्धारित समय और नियमों के अनुसार संचालित किया जाए।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में NBCC इंडिया लिमिटेड के खिलाफ उठ रही आवाजें यह दर्शाती हैं कि विकास के नाम पर पर्यावरण और मानवाधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को इस मामले में शीघ्र और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोका जा सके।
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