न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (NBDA) ने पाकिस्तानी पैनलिस्टों को न्यूज चैनल पर बुलाकर उल्टी सीधी हरकतें कराने पर आपत्ति जताई है। संस्था का कहना है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भी इस ओर ध्यान दे कि भारत के एंटी लोग टीवी पर बैठकर भारत के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं- इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
गुरप्रीत गैरी वालिया-
टीआरपी की होड़ में लगी मीडिया अब क्या करेगा। सभी चैनल्स पर आप लोग पाकिस्तान के पैनलिस्ट देख रहे होंगे लेकिन अब NBDA ने झटका दे दिया है।
नयूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (NBDA) ने सभी चैनलों को सलाह दी है कि वे अपने कार्यक्रमों में पाकिस्तान से जुड़े ऐसे पैनलिस्ट, वक्ता या विश्लेषक न बुलाएं जो भारत विरोधी झूठा प्रचार करते हैं।
समाचार समाप्त। वैसे पाकिस्तानी पैनलिस्टों को अपने घटिया से चैनल पर सबसे अधिक ये अर्नब बुलाता है इस को भी अब अकल आएगी।

खुशदीप सहगल-
27 और 28 अप्रैल को दो पोस्ट लिखी थीं कि जब पाकिस्तान के कलाकारों,गायकों, खिलाड़ियों, यहां तक कि आम नागरिकों पर प्रतिबंध लग सकता है तो भारतीय न्यूज़ चैनल्स का पाकिस्तानी गेस्ट्स को अपने डिबेट शोज़ में बुलाना कैसे जारी है…
पहलगाम हमले के 12 दिन बाद ‘नेशनल ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन’ यानि NBDA की नींद टूटी है…इसने 4 मई को जारी एक एडवाइजरी में कहा है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने हमारा ध्यान दिलाया है कि चैनल्स पाकिस्तान से ऐसे कमेंटेटर्स को अपने डिबेट्स शोज़ में बुलाते हैं जो एंटी-इंडिया है और इन शोज़ में भारत के ख़िलाफ़ ही नैरेटिव फैलाते हैं…
NBDA ने चैनल्स के संपादकों से कहा है कि वो पाकिस्तानी पैनलिस्ट्स, स्पीकर्स और कमेंटेटर्स को अपने शोज़ में बुलाने से परहेज़ करें…
दिन-रात राष्ट्रवाद की दुहाई देने वाले, Jingoism फैलाने वाले न्यूज़ चैनल्स पाकिस्तानी गेस्ट्स के मामले में इतने भोले भाले हैं कि सरकार को NBDA से उन्हें एडवाइज़री जारी करवानी पड़ रही है…
वैसे हमले के 12 दिन बाद ऐसी एडवाइजरी जारी कराना वैसे ही है जैसे ‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’…
हमले पर जितने डिबेट्स शो होने थे हो चुके, अब ये दोबारा तब शुरू होंगे जब पाकिस्तान में छुपे आतंकियों को ठिकाने लगाने के लिए भारत स्ट्राइक करेगा…युद्ध हुआ तो आपातकाल स्वत: लागू हो जाता है, तब तो किसी पाकिस्तानी गेस्ट्स को बुलाने का सवाल ही नहीं…



