नई दिल्ली। एक चौंकाने वाली घटना में NDTV ने भारत में एक साल के भीतर हुई 21,000 रेलवे मौतों पर किया गया अपना ट्वीट चुपचाप डिलीट कर दिया है। खास बात यह है कि इस ट्वीट को दो सांसदों ने कोट-ट्वीट भी किया था, जिसके बाद अचानक इसे हटा दिया गया।
सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर NDTV ने इतने गंभीर आंकड़े वाली खबर का ट्वीट क्यों हटाया? आरोप लग रहे हैं कि मीडिया मोदी सरकार के दबाव में इस तरह की असुविधाजनक खबरों को दबाने का काम कर रहा है।


हालांकि, NDTV ने ट्वीट तो हटा दिया है, लेकिन इस मामले पर उनकी वेबसाइट पर प्रकाशित पूरा आर्टिकल अब भी मौजूद है। यही वजह है कि विरोधियों को सरकार और मीडिया के बीच ‘सांठगांठ’ का आरोप लगाने का मौका मिल गया है।
इसे लेकर राज्यसभा सांसद साकेत गोखले लिखते हैं-
NDTV quietly DELETED this tweet about 21,000 railway deaths in India in just one year.
Quote tweeted by 2 MPs – and now it’s gone.
This is how shamelessly the media bends before Modi. ndtv forgot to delete the actual article though
राजद प्रवक्ता प्रियंका भारती का बड़ा आरोप
राजद प्रवक्ता प्रियंका भारती ने NDTV पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चैनल सरकार के दबाव में काम कर रहा है और आलोचनात्मक कंटेंट को सेंसर कर रहा है।
प्रियंका भारती ने आरोप लगाया –
NDTV ने हाल ही में 21,000 रेलवे मौतों से जुड़ी अपनी ही ख़बर का ट्वीट हटा दिया, जबकि उसे दो सांसदों ने भी शेयर किया था। ट्वीट डिलीट कर दिया गया लेकिन आर्टिकल अब भी वेबसाइट पर मौजूद है।
NDTV के शो “बोले बिहार” की रिकॉर्डिंग के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधी आलोचना की थी। लेकिन प्रसारण में उन हिस्सों को काट दिया गया।
भारती का कहना है कि उन्होंने शूटिंग के समय ही पत्रकारों से पूछा था – “क्या आप इसे काट देंगे?” तब जवाब मिला – “नहीं-नहीं, हम ऐसा नहीं करते।” लेकिन बाद में वे सभी क्लिप हटा दी गईं।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि NDTV अब सच दिखाने से ज़्यादा अपनी नौकरी और सत्ता के दबाव को महत्व देने लगा है।



