यूपी के कासगंज में न्यूज 24 में कार्यरत एक युवा पत्रकार साजिश का शिकार हो गया. साजिशन उसे एक मुकदमे में फर्जी फंसाया गया और इसी को आधार बना कर उसे न्यूज 24 ने संस्थान से हटा दिया। अब इस मामले में अतुल यादव पर एफआईआर कराने वाला पीड़ित ही सामने आया है, भड़ास को भेजे गए शपथ पत्र के माध्यम से उसने घटना की सच्चाई बताई है और उस दिन हुए घटनाक्रम को भी साझा किया है।
मिली जानकारी के अनुसार रंजीत राय पुत्र राम प्रसाद राय निवासी तैय्यबपुर जनपद कासगंज के रहने वाले हैं तथा जिले में VIP न्यूज के रिपोर्टर हैं।
रंजीत के मुताबिक दिनांक 05 नवंबर 2023 को उनके साथ सदर कोतवाली क्षेत्र के सोरों रोड स्थित अपना ढाबा पर कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया था, इस संबंध में उन्होंने सदर कोतवाली में चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी।
इस दौरान न्यूज 24 के पूर्व रिपोर्टर मनोज कुमार पुत्र चंद्रपाल ने उसे अपनी बातों में बरगला लिया और एक दूसरी तहरीर पुलिस अधीक्षक को दिलवाई जिसमें न्यूज 24 से कासगंज रिपोर्टर अतुल यादव समेत दो का नाम सम्मिलित करवाया गया। उसके बाद जब रंजीत बारात में सम्मिलित होने एटा गए थे तो वहीं मनोज कुमार ने रंजीत का एक वीडियो अपने मोबाइल फोन से बनाया, वीडियो में अतुल यादव पर कई गंभीर आरोप लगवाए गए, जो दूर-दूर तक सच न थे। यह सब मनोज कुमार इसलिए कर रहा था क्योंकि वो अतुल यादव को न्यूज 24 से हटवा कर खुद पुनः जुड़ना चाहता था।
मनोज कुमार ने वह वीडियो एक नई मेल आईडी बनाकर भड़ास4मीडिया को भेज दिया. भड़ास पर खबर लगते ही अतुल यादव को संस्थान ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। रंजीत राय ने भड़ास से अतुल यादव के विरुद्ध लगी खबरों को हटाने का अनुरोध किया है।
इस संबंध में जब अतुल यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि घटना के बाद से वे बेहद मानसिक तनाव झेल रहे हैं, उन्हें बेगुनाह होते हुए भी जेल जाना पड़ा और उन्हें तथा उनके परिवार को काफी प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
अतुल यादव को न्यूज 24 संस्थान से भी मलाल है कि संस्थान ने एक बार को भी सच्चाई जानने की कोशिश नहीं की और उन्हें बिना सुने ही हटा दिया।
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