‘शराब, शराबी और आबकारी’ पर भड़ासी महाबहस! देखें वीडियो

शराब के ग्राहक हर कदम छले जाते हैं. लूटे जाते हैं. उत्पीड़ित किए जाते हैं. शराब सिंडिकेट यानि विक्रेता, अफसर, नेता सब मिलकर शराब ग्राहक का खून पीते हैं.

शराबी आवाज कभी नहीं उठाते. सरकारें लुटेरों को प्रश्रय देती हैं. शराबी के दुख को किसी ने महसूस नहीं किया.

भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह खुद दो बरस तक शराब की एक दुकान द्वारा छले-ठगे जाते रहे. उन्होंने पानी सिर से जाते देखकर इस मुद्दे पर न सिर्फ एक दुकान का स्टिंग कर सील कराया बल्कि लगातार इस मामले को उठाते हुए पूरे देश के शराबियों को जागरूक करने और भ्रष्ट-लुटेरे अफसरों-दुकानदारों को कठघरे में खड़ा करने का काम कर रहे हैं.

आप भी देखें ये भड़ासी महाबहस.

पसंद आए तो जरूर दूसरों को इसे दिखाएं.

नीचे क्लिक करें-

ये भी देखें… शराब की दुकान का स्टिंग-

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप परBWG7

आपसे सहयोग की अपेक्षा भी है… भड़ास4मीडिया के संचालन हेतु हर वर्ष हम लोग अपने पाठकों के पास जाते हैं. साल भर के सर्वर आदि के खर्च के लिए हम उनसे यथोचित आर्थिक मदद की अपील करते हैं. इस साल भी ये कर्मकांड करना पड़ेगा. आप अगर भड़ास के पाठक हैं तो आप जरूर कुछ न कुछ सहयोग दें. जैसे अखबार पढ़ने के लिए हर माह पैसे देने होते हैं, टीवी देखने के लिए हर माह रिचार्ज कराना होता है उसी तरह अच्छी न्यूज वेबसाइट को पढ़ने के लिए भी अर्थदान करना चाहिए. याद रखें, भड़ास इसलिए जनपक्षधर है क्योंकि इसका संचालन दलालों, धंधेबाजों, सेठों, नेताओं, अफसरों के काले पैसे से नहीं होता है. ये मोर्चा केवल और केवल जनता के पैसे से चलता है. इसलिए यज्ञ में अपने हिस्से की आहुति देवें. भड़ास का एकाउंट नंबर, गूगल पे, पेटीएम आदि के डिटेल इस लिंक में हैं- https://www.bhadas4media.com/support/

भड़ास का Whatsapp नंबर- 7678515849

One comment on “‘शराब, शराबी और आबकारी’ पर भड़ासी महाबहस! देखें वीडियो”

  • Rajesh Kumar says:

    यशवंत जी, बधाई । इस ज्वलंत मुद्दे को उठाने के लिए। शराब के दुकान दार रसीद नहीं देता ?
    एक व्यक्ति दो बोतल वो भी खुली हुई ही रख सकता है ?
    देश का हर बड़ा आदमी, नेता, और अफसर,मंहगी से मंहगी शराब पीता है, इनके घरो मे बार बना हुआ मिल जाएगा। इन पर कोई उंगली नहीं उठता ?

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code