ऑपरेशन सिंदूर के दौरान न्यूज चैनलों ने जिस तरह की कवरेज की थी, उसने दुनिया भर में भारत की किरकिरी कराई। किसी चैनल ने पाकिस्तान के 5 शहरों पर कब्जा किया तो किसी ने पूरा पाकिस्तान अपने कब्जे में ले लिया था। खुद सरकार को कई बार चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी करनी पड़ी। बावजूद इसके अब केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय मीडिया की शानदार कवरेज के लिए पीठ थपथपाई है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने भी मीडिया की जमकर तारीफ की है। पढ़ें और उसके बाद अश्वनी वैष्णव का वीडियो देखें…
राजकुमार भाटी-
सात मई के बाद न्यूज चैनल्स के बारे में मेरी धारणा बदल गई है। सात मई यानि ऑपरेशन सिंदूर का दिन।
सात मई से पहले न्यूज़ चैनल के बारे में मेरी धारणा यह थी कि ये लोग डिबेट में कितना भी झूठ बोलें, कितनी भी बदतमीजी करें, कितना भी ऊलजुल बकें, किसी पक्ष का विरोध और समर्थन करें, किंतु न्यूज़ के मामले में ईमानदारी बरतते होंगे। सोशल मीडिया पर संदिग्ध सूचनाओं के बारे में न्यूज़ चैनल पर सुन लेने के बाद मैं उन्हें सही मान लेता था। और यह मानता था कि कोई न्यूज़ चैनल झूठी न्यूज़ नहीं दे सकता।
किंतु भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के विषय में न्यूज़ चैनलों ने जिस तरह की मनगढ़ंत, बेबुनियाद, बेसिरपैर की झूठी खबरें प्रसारित की उन्हें देख-सुनकर न्यूज़ चैनल के बारे में मेरी धारणा बदल गई।
कुछ न्यूज़ के नमूने पेश हैं :-
- भारतीय सेना पाकिस्तान में घुसी
- भारतीय सेना ने लाहौर पर कब्जा किया
- पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर भारतीय सेना का कब्जा
- भारतीय नौसेना ने कराची बंदरगाह को बर्बाद किया
- पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर हटाए गए
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री डर कर बंकर में छिपे
- पाकिस्तान की सेना ने हथियार डाले। लड़ने से इनकार किया।
- ऑपरेशन सिंदूर में 900 आतंकवादी मारे गए।

अब आप ही बताइए कि इन न्यूज़ चैनलों पर क्या विश्वास करें?
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