Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

पाकिस्तानी पत्रकार को तोते बेचने पर पक्षी विक्रेता के बैंक खाते फ्रीज, परिवार भी निशाने पर!

इस्लामाबाद/कराची | पाकिस्तान में तो एकदम गजब चल रहा है। प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर। यहां सरकार की कार्रवाई अब उन लोगों तक पहुंच चुकी है जिनका मीडिया से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। एक मशहूर पाकिस्तानी पत्रकार असद अली तूर को पालतू पक्षी (तोते) बेचने वाले पक्षी विक्रेताओं के बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाने की बात सामने आई है—वो भी सिर्फ इसलिए कि उनका लेनदेन एक स्वतंत्र पत्रकार से हुआ था।

क्या है मामला?

अलजज़ीरा की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पेशे से पक्षी विक्रेता रोज़ी ख़ान और उनके जैसे दर्जनों विक्रेताओं को अप्रैल 2025 में तब झटका लगा जब उन्होंने पाया कि उनका बैंक खाता अचानक बंद कर दिया गया है। किसी को कोई सूचना नहीं दी गई थी। कारण पता चला—उन्होंने असद अली तूर को “तोते” बेचे थे।

जब उन्होंने बैंक से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि यह कार्रवाई FIA (फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) के कहने पर की गई है। एफआईए ने असद अली तूर के खिलाफ पहले से कुछ मामलों में जांच शुरू की है और उनसे किसी भी तरह का आर्थिक लेनदेन करने वालों को “संदिग्ध” मान लिया गया।

सिर्फ विक्रेता ही नहीं, परिवार भी निशाने पर

एफआईआर और पत्रकार के बयान के मुताबिक, तूर के माता-पिता, बहन, भाई, चाचा, कज़िन, यहां तक कि उनके ऑफिस में काम करने वाले टेक्निकल स्टाफ के भी बैंक खाते बंद कर दिए गए हैं। किसी को कोई नोटिस नहीं मिला, सिर्फ बैंक में जाकर खाता फ्रीज होने की जानकारी मिली।

तोते बेचने वालों पर क्या आरोप?

कोई औपचारिक आरोप नहीं। ना ही कोई पूछताछ। बस एक WhatsApp चैट और GPay ट्रांजैक्शन को आधार बनाकर कहा गया कि “इस पत्रकार को पालतू तोते बेचने वाले लोग उसके ‘संपर्क सूत्र’ हैं और इन्हें आर्थिक नेटवर्क में गिना जा रहा है।”

अदालत ने दी राहत—लेकिन अधूरी

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने मई में असद अली तूर का खाता बहाल करने का आदेश दिया। लेकिन जिन विक्रेताओं ने सिर्फ एक पालतू पक्षी बेचा, उन्हें आज तक राहत नहीं मिली।

पत्रकार बोले—अब बोलने वालों से लेन-देन भी गुनाह हो गया है

असद तूर ने कहा: “यह सिर्फ मुझ पर नहीं, हर उस व्यक्ति पर हमला है जो एक स्वतंत्र सोच रखता है। आप मेरे विचारों से असहमत हो सकते हैं, लेकिन अब तो उनसे संपर्क रखने वालों को भी सज़ा दी जा रही है।”

गौरतलब है कि तूर पहले भी हमलों का शिकार रह चुके हैं। 2021 में उनके घर में घुसकर नकाबपोशों ने उन पर हमला किया था। CCTV में चेहरे थे लेकिन आज तक कोई गिरफ़्तार नहीं हुआ।

पत्रकार कौन है?

पत्रकार असद अली तूर फिलहाल स्वतंत्र पत्रकारिता करते हैं और संचालन करते हैं अपना YouTube चैनल “Asad Toor Uncensored”। वह पूर्व में उन्होंने पहले पाकिस्तानी टेलीविजन चैनल Aaj News के लिए भी रिपोर्टिंग की है—जहां वे Supreme Court रिपोर्टर और प्रोड्यूसर रह चुके हैं।

प्रेस फ्रीडम की हालत पाकिस्तान में खस्ताहाल

बहरहाल, इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संगठन और मानवाधिकार समूहों ने पाकिस्तान की आलोचना की है। रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स (RSF) के अनुसार, “यह प्रेस पर सीधा आर्थिक क्लैंपडाउन है।” तो अब सवाल यही है—क्या पत्रकार से एक तोता बेचना भी सरकार की नजर में अपराध बन गया है?

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन