नई दिल्ली: वरिष्ठ पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता और चार अन्य पत्रकारों ने अडानी ग्रुप पर रिपोर्टिंग को लेकर ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
यह अपील पत्रकार रवि नायर, अबीर दासगुप्ता, अयास्कांत दास और आयुष जोशी के साथ मिलकर दाखिल की गई है। याचिका में रोहिणी की स्पेशल सिविल कोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें इन पत्रकारों और तीन वेबसाइटों – pranjoy.in, adaniwatch.org और adanifiles.com.au – को अडानी समूह से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने से रोक दिया गया था।
ट्रायल कोर्ट ने अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की ओर से दायर मुकदमे पर सुनवाई करते हुए कहा था कि पहली नजर में पत्रकारों की रिपोर्टिंग मानहानिकारक और बिना पुष्टि के लगती है। अदालत ने कहा था कि इन खबरों से कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है और यह मीडिया ट्रायल का रूप भी ले सकता है।
कोर्ट ने एकतरफा अंतरिम आदेश में निर्देश दिया था कि पत्रकार अपने लेखों और सोशल मीडिया पोस्ट से अडानी ग्रुप से संबंधित कथित अपमानजनक सामग्री हटाएं। यदि ऐसा करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है, तो पांच दिनों के भीतर इसे हटाया जाए।
साथ ही, अदालत ने आईटी नियम, 2021 के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट होस्टिंग करने वाले मध्यस्थों को भी निर्देश दिया था कि वे अदालत या सरकार के आदेश मिलने के 36 घंटे के भीतर इस प्रकार की सामग्री को हटा दें या उस तक पहुंच को ब्लॉक कर दें।
अडानी ग्रुप ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया था कि ये पत्रकार एजेंडा-चालित वेबसाइटों के माध्यम से कंपनी और उसके चेयरमैन के खिलाफ झूठी और अपमानजनक सामग्री फैला रहे हैं, जिससे कंपनी के वैश्विक संचालन, निवेश और छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
अब इस ट्रायल कोर्ट के आदेश को पत्रकारों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता के मूल्यों पर चोट बताते हुए उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। हाईकोर्ट इस मामले में आने वाले दिनों में सुनवाई कर सकता है।
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