पटना- बिहार के पटना में एक बार फिर बड़ी घटना घटी है। गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की रेप के बाद जघन्य हत्या कर दी गई। उसके शरीर पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक दर्जन खरोंच जैसे जख्म के निशान मिले हैं। लेकिन इतनी बड़ी घटना के बावजूद पत्रकार भाई लोग कंबल में मुँह ढंककर सो रहे हैं। नीचे पढ़ें…
A young girl from Jehanabad left home to chase her dreams in Patna…but the city failed her. She was sexually assaulted in her locked room on Jan 6th and she died 5 days later. The autopsy has confirmed assault, even as the cops pushed for a “suicide” theory and bullied the family to drop the case. She aspired to heal India, deserved safe havens for her ambitions. No city should crush young girls’ futures and hopes like this. Justice should honors her dreams.- मारिया शकील, मैनेजिंग एडिटर, इंडिया टुडे
पंकज झा-
सब चूड़ा दही में व्यस्त है. पटना में मेडिकल की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का केस संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बन गया है. पुलिस और हॉस्टल वालों ने इसे सुसाइड का केस बनाना चाहा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात आई. परिवार ने इंसाफ़ की मांग की तो लाठी मिली. लानत है इस कार्य प्रणाली पर।

पटना में छात्रा की हत्या को हॉस्टल आत्महत्या बता रहा था। दोबारा हुई मेडिकल जाँच में रेप की संभावना बताई जा रही है। पुलिस ने इस छुपाने की पूरी चेष्टा की। हॉस्टल वाले पैसे खिला रहे होंगे शायद वरना पुलिस किसी हत्या को छुपाना क्यों चाहेगी? samrat4bjp से आग्रह है कि यदि पुलिस इसे छुपाने में संलिप्त है तो उचित कार्रवाई की जाए। ऐसे हॉस्टल अवैध ही होते हैं, इन पर भी एक्शन लिया जाए। – अजीत भारती
नरेंद्र नाथ मिश्रा-
बिहार की राजधानी पटना में गर्लस हॉस्टल में मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रही लड़की की हत्या और उसके साथ सेक्सुअल असॉल्ट की घटना में अब तक पुलिस-प्रशासन की पूरी कोशिश अपराधी को पकड़ने के बजाय इसपर परदा डालना अधिक लग रहा है।
कौन बड़े लोग इसमें शामिल हैं जिसे बचाने के लिए पुलिस बार-बार कहानी बदल रही है? क्या इस केस का भी हश्र उत्तराखंड की अंकिता भंडारी हत्या वाला होगा?
और छोटी-छोटी बात पर आहत होने वाली बिहार के लोगों की चुप्पी भी असहज करने वाली है। पुलिस-प्रशासन पर दबाव बने कि हत्यारे और साजिश करने वाले को कठोरतम सजा मिले।
मनोज भारती-
पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और उसकी मौत ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। आज मैं और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर जहानाबाद पहुंचे और पीड़ित छात्रा के परिजनों से मुलाकात कर उनका दर्द सुना।
बातचीत के दौरान परिजनों ने साफ शब्दों में बताया कि पुलिस-प्रशासन लगातार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और इसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
जन सुराज यह स्पष्ट करता है कि हम इस मामले को दबने नहीं देंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे। क्योंकि अब ये सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं बल्कि पूरे समाज की लड़कियों की इज्जत की लड़ाई है।
द बिहार एक्स हैंडल का ट्वीट-
शम्भू गर्ल्स हॉस्टल, पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ दरिंदगी हुई है। लेकिन बिहार के बड़े पत्रकार इस मुद्दे को नहीं उठा रहे। ऐसा लगता है कि वे इसे दबाना चाहते हैं।
पटना एसएसपी का जल्दबाजी में दिया बयान पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद गलत साबित हो गया। फिर भी कोई बड़ा पत्रकार उनसे सवाल नहीं पूछ रहा।
पहली बार देख रहा हूँ कि सोशल मीडिया ने इस मुद्दे को देशभर में फैलाया, लेकिन बड़े पत्रकार इसे उठाने से बच रहे हैं। प्रशांत किशोर के पीड़ित परिवार से मिलने के बाद सरकार ने SIT गठित कर दी, फिर भी बिहार का प्रमुख अखबार इसे कोने में छापना उचित समझा।
बड़े पत्रकार लोग तो नेताओं के हगने-मूतने-खाने-बैठने की भी खबर बना देते हैं, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर डर लग रहा है या पैसे लेकर चुप हैं, भगवान जाने। पर ये सो-कॉल्ड बड़े पत्रकार कभी अपनी बेटी से आँख मिलाकर यह नहीं कह सकते कि उन्होंने किसी और की बेटी के न्याय के लिए आवाज उठाई। यह कुंठा इन्हें खा जाएगी।
इन बड़े पत्रकारों को मेरा संदेश है—अपनी कलाई नापकर भेज दीजिए, मैं आपके लिए मुजफ्फरपुर के इमलीचट्टी का मशहूर लहठी भेजना चाहता हूँ।
कुमार सौरभ सिंह-
बिहार में नई सरकार बनी थी तब सम्राट चौधरी ने ये कहा था— गुंडे-गैंगस्टर बिहार छोड़ दें। अपराधी गुंडे बिहार छोड़ें या न छोड़ें, ये पता नहीं… लेकिन ऐसा लगता है कि पुलिस-प्रशासन जरूर बिहार छोड़ चुका है
- पटना: शंभु गर्ल्स हॉस्टल में कथित रेप के बाद NEET छात्रा की संदिग्ध मौत
- पूर्णिया: 24 साल की महिला के साथ गोदाम में गैंगरेप
- खगड़िया: 5 साल की बच्ची से रेप और हत्या
- मधेपुरा: एक विधवा के साथ गैंगरेप और मर्डर
- छपरा: मेडिकल स्टूडेंट का शव रेलवे ट्रैक पर मिला
- मुजफ्फरपुर में बोरे में महिला और 3 बच्चों की लाश
हमलोग मुजफ्फरपुर, पूर्णियां, खगड़िया सब जगह जा रहे हैं।
हमलोग न किसी को चिढ़ा रहे हैं न ही कुछ साबित कर रहे हैं। बिहार की जनता ने हमें “विपक्ष” का सही दायित्व दिया है, हम बहुत सिद्धत और ईमानदारी से ये काम करेंगे…
हैफिडिविट वाले Dy CM का अतिआत्मविश्वास ही है जब 08 दिन से न्याय की गुहार लगा रहे परिवार और उनके लिए समर्थन में उतरे समाज के लोगों पर पुलिस लाठियां चटका रही थी!
परिजनों के आंसु पोंछने जब हम लोग (प्रशांत किशोर जी और जन सुराज) जहानाबाद पहुंचे, 8 घंटे बाद आधिकारिक रूप से SIT के गठन की सूचना स्वयं बिहार से अपराधियों का पलायन करा देने का दावा करने वाले “महामानव” का बिहारी Version कर रहे हैं!
SIT के गठन से हमारा कार्य खत्म नहीं हुआ है, प्रारंभ हुआ है। आज पीड़िता के परिजनों के साथ DGP से मिलेंगे और निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिला तो ये तय है कि बिहार में जन आंदोलन का रास्ता खुला है।
JusticeForGayatri के लिए हम कृतसंकल्पित हैं… Official नेता प्रतिपक्ष बिहार ने कह दिया 100 दिन कुछ नहीं बोलेंगे!

202+ के गुमान में बैठे NDA के नेताओं के मुंह से गायत्री के न्याय हेतु एक शब्द नहीं निकल रहा है (था)! विश्वास नहीं हो तो इनका सोशल मीडिया Timeline चेक कीजिए…
15 जनवरी से Jan Suraaj Chapter 02.0 प्रारंभ हो गया है। जन सुराज और प्रशांत किशोर जी ने हुक्मरानों एवं बिहार को अहसास करा दिया है कि अगले 5 वर्ष हम क्या करने वाले हैं…
अनुपम के सिंह-
वो NEET की तैयारी कर रही थी, गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। मौत हो गई। पुलिस ने आत्महत्या बता दिया। पोस्टमॉर्टम में शरीर पर खरोच/ज़ख्म के 12 निशान मिले।
क्या कोई लड़की आत्महत्या से पहले ख़ुद को घायल करती है? पटना में एक नहीं, ऐसे कई गर्ल्स PG/हॉस्टल चल रहे हैं, जो सिर्फ़ कहने के लिए छात्रावास हैं लेकिन उसमें क्या होता है ये सबको पता है। कोई बोलेगा नहीं, क्योंकि मामला बहुत बड़े लोगों से जुड़ा हुआ है। बिहार है, ज़िंदा रहना है तो चुप ही रहना होगा।
आप सोचिए, आख़िर कोई करोड़पति शख्स गर्ल्स हॉस्टल क्यों चलाएगा? इस पूरे मामले में बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिना पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आए ही आनन-फानन में क्लीन-चिट दे दिया जाना, शरीर पर ज़ख्म के निशान, 4 दिनों तक छात्रा को सामान्य से अस्पताल में लिटाए रखना, बिना पुलिस को बताए हॉस्टल मालिक द्वारा कमरे का दरवाजा तोड़वा देना, परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बावजूद गंभीरता से जाँच न करना और स्थानीय लोगों द्वारा पूर्व में हॉस्टल के ख़िलाफ़ शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई न किया जाना – ये सब किस ओर इशारा करते हैं?
उस गर्ल्स हॉस्टल के बाहर फॉर्च्यूनर-सफारी-इन्नोवा जैसी गाड़ियाँ क्या करने आती थीं? लड़की नशे की हालत में थी, इसे नींद की गोली कहकर खारिज किया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट के संकेत यही हैं कि 17 साल की किशोरी को नशे का इंजेक्शन दिया गया, गैंगरेप की कोशिश की गई। चित्रगुप्त नगर की थानाध्यक्ष ख़ुद एक महिला हैं, फिर भी पुलिस का ऐसा रवैया भ्रष्टाचार और गठजोड़ की तरफ़ ही इशारा करता है।
सम्राट चौधरी बिहार के नए-नए गृह मंत्री बने हैं, पहली बार राज्य में भाजपा को ये पद मिला है। सम्राट चौधरी ताबड़तोड़ कार्रवाई भी कर रहे हैं, अपने भाषणों में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि अपराधी या तो देश छोड़ दें या फिर अपराध छोड़ दें। ‘योगी मॉडल’ बताकर उनके काम की वाहवाही भी हो रही है। लेकिन, महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में निष्पक्ष कड़ी कार्रवाई ही ‘योगी मॉडल’ की सबसे बड़ी विशेषता रही है। सम्राट चौधरी अगर इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित कर देते हैं, तो ये बतौर गृह मंत्री उनके राजनीतिक करियर में सबसे बड़ी शुरुआती उपलब्धि के रूप में गिना जाएगा। SIT गठित हुई है, बाक़ी देखते हैं…
पटना में बड़ी संख्या में लड़कियाँ पढ़ाई करती हैं, कुकुरमुत्ते की तरह गर्ल्स हॉस्टल खुले हुए हैं – सबकी जाँच कराए जाने की ज़रूरत है।



