
वाराणसी | प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहले एक पत्रकार पर हमला हुआ और बाद में उसी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर अपराधी बना दिया गया. घटना लक्सा थानाक्षेत्र की है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पत्रकार सुजीत पटेल के खिलाफ सत्ता पक्ष के विधायक द्वारा कथित हस्तक्षेप के बाद गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
पूरा मामला क्या है?
वाराणसी के लक्सा थानाक्षेत्र में रहने वाले पत्रकार सुजीत पटेल के चाचा से मारपीट की गई थी. सुजीत ने इसका विरोध जताया. आरोप है कि अवधेश पटेल उर्फ मलू, सेनू उर्फ अन्ना और उनके अन्य सहयोगियों ने सुजीत पर हमला कर दिया. पत्रकार को गिराकर इस कदर पीटा गया कि उनका एक पैर टूट गया. घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन हमलावर भागने में कामयाब रहे.
आरोपियों ने दर्ज कराई क्रॉस एफआईआर
प्रकरण की जानकारी मिलने पर डीसीपी गौरव वंशवाल ने लक्सा इंस्पेक्टर से कार्रवाई संबंधी जानकारी ली, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. हालांकि घटना के 9 दिन बाद आरोपियों ने सुजीत पटेल उनके परिवार व अन्य गवाहों के खिलाफ लूट, तोड़फोड़ और रंगदारी की क्रॉस एफआईआर दर्ज करा दी.
डीसीपी काशी करेंगे जांच
बुधवार को सुजीत व उनके पत्रकार साथियों ने ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर डॉ के एजिलरसन से मुलाकात कर मामले पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने इंस्पेक्टर से क्रॉस एफआईआर दर्ज करने के पीछे की वजह पूछी. पत्रकारों ने बताया कि घटना के पीछे एक विधायक का नाम सामने आया है, जिनके कहने पर ही इंस्पेक्टर ने पटेल व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.
ज्वाइंट सीपी ने निष्पक्ष जांच के लिए डीसीपी काशी जोन को जिम्मेदारी सौंपी है.
पीएम सीएम से न्याय की गुहार
ज्वाइंट सीपी से मुलाकात के बाद सुजीत पटेल ने मीडिया को बताया कि वह इस मामले को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी तक पहुंचाएंगे. उन्होंने कहा कि वह पीएम और सीएम से निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे ताकि इस केस को खत्म कर उन्हें न्याय मिल सके.


