Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

अनुभवी लोगो को फिर से ‘ट्रेनिग’ देगा हिंदुस्तान!

लेबर अधिकारी कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट की अवमानना… हिंदुस्तान और हिंदुस्तान टाइम्स के पटना व गोरखपुर संस्करण से दो चौकाने वाली खबर आयी है। प्रबन्धन द्वारा पटना के हिंदुस्तान टाइम्स और हिंदुस्तान अखबार में कर्मचारियों से ट्रेनिंग के नाम पर एक फ़ार्म भरवाया जा रहा है। कर्मचारी जब मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिश के अनुसार वेतन, भत्ता और प्रमोशन मांग रहे हैं ऐसे में इस फ़ार्म को भराना काफी संदेह पैदा करता है। इसलिए कर्मचारी इसे सोच समझकर ही भरें। इसमे मैनेजमेंट की प्रमोशन रोकने की कोई चाल भी हो सकती है। इसी तरह का फ़ार्म टाइम्स समूह ने भी भरवाया था और कई साथियों का प्रमोशन रोक दिया।

लेबर अधिकारी कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट की अवमानना… हिंदुस्तान और हिंदुस्तान टाइम्स के पटना व गोरखपुर संस्करण से दो चौकाने वाली खबर आयी है। प्रबन्धन द्वारा पटना के हिंदुस्तान टाइम्स और हिंदुस्तान अखबार में कर्मचारियों से ट्रेनिंग के नाम पर एक फ़ार्म भरवाया जा रहा है। कर्मचारी जब मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिश के अनुसार वेतन, भत्ता और प्रमोशन मांग रहे हैं ऐसे में इस फ़ार्म को भराना काफी संदेह पैदा करता है। इसलिए कर्मचारी इसे सोच समझकर ही भरें। इसमे मैनेजमेंट की प्रमोशन रोकने की कोई चाल भी हो सकती है। इसी तरह का फ़ार्म टाइम्स समूह ने भी भरवाया था और कई साथियों का प्रमोशन रोक दिया।

इसी तरह गोरखपुर के हिंदुस्तान अखबार से खबर आ रही है कि यहाँ कर्मचारियों को सताने के लिए श्रम अधिकारी,संपादक और एचआर हेड ने हाथ मिला लिया है। बिना कुछ कागजात देखे श्रम अधिकारी कर्मचारियों को कह रहे हैं कि गोररखपुर में हिंदुस्तान अखबार सातवें ग्रेड में आता है और आपको कम्पनी ने ज्यादा पैसा दिया है। इस श्रम अधिकारी से जब भी कोई कर्मचारी मिलने जाता है तो वह एचआर हेड को फोन करता है।

एचआर हेड सम्पादक को फोन करता है और सम्पादक महोदय शाम को उस कर्मचारी को अपने केबिन में बुलाकर मजीठिया मांगने पर डांट लगाते हैं। मगर कर्मचारी झुकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने अब सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का मुकदमा दायर करने का प्रबन्धन, श्रम विभाग के खिलाफ मूड बनाया है। हिंदुस्तान के साथियों, आपको बता दें श्रम अधिकारी झूठ बोल रहे हैं। आपका अखबार नंबर वन की कटेगरी में आता है। इसलिए डरें बिलकुल नहीं। कोई भी परेशानी हो तो मुझे बेझिझक फोन करें।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट
मुंबई
09322411335

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन