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दूध की जांच में चौंकाने वाला खुलासा, कई पाउच ब्रांड में मिले Coliform बैक्टीरिया

राजीव रंजन शुक्ला-

हाल ही में बाजार में बिकने वाले कई बड़े ब्रांड के दूध के पाउच को लेकर एक जांच कराई गई, जिसके नतीजे चौंकाने वाले बताए जा रहे हैं। यूट्यूब चैनल Trustified ने विभिन्न ब्रांडेड दूध के नमूनों की लैब टेस्टिंग कराई। खास तौर पर पाउच में मिलने वाले पाश्चुरीकृत दूध का माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्ट किया गया, जिसमें पैकेजिंग और दूध की गुणवत्ता दोनों की जांच की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक कई नमूनों में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया (Coliforms) की मात्रा तय सुरक्षा सीमा से अधिक पाई गई। कोलीफॉर्म बैक्टीरिया आमतौर पर तब पैदा होते हैं जब दूध का रख-रखाव या पैकेजिंग स्वच्छ तरीके से नहीं होती या वह दूषित पानी के संपर्क में आ जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दूषित दूध से खासकर गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है। कुछ मामलों में यह भी माना जाता है कि यदि बैक्टीरिया लंबे समय तक दूध में मौजूद रहे हों तो वे ऐसे हानिकारक तत्व पैदा कर सकते हैं जो सिर्फ उबालने से पूरी तरह खत्म नहीं होते।

जांच में यह भी सामने आया कि UHT (Ultra High Temperature) प्रोसेस से तैयार दूध में बैक्टीरिया नहीं पाए गए। यही वजह है कि टेट्रा पैक दूध लंबे समय तक सुरक्षित रहता है, क्योंकि इसे बहुत उच्च तापमान पर प्रोसेस कर पूरी तरह स्टरलाइज किया जाता है और पैकेजिंग भी विशेष तरीके से की जाती है।

हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दूध को हमेशा उबालकर ही इस्तेमाल करना चाहिए। यदि संभव हो तो उच्च गुणवत्ता वाले पैकेज्ड या UHT प्रोसेस्ड दूध का विकल्प भी चुना जा सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।

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