
पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती अपना खुद का ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफार्म लॉन्च करने के लिए तैयार है. इससे पहले इसे इस साल की जुलाई में लाने का प्लान था लेकिन बाद में तारीख आगे बढ़ा दी गई थी.
अगस्त महीने की शुरूआत में प्रसार भारती ने अपने ओटीटी पर गेमिंग, ओटीटी और एजुकेशनल ऐप सहित विभिन्न एप्लिकेशन के इंटीग्रेशन के लिए सबमिशन आमंत्रित किए थे. ऐप्स के इंटीग्रेशन के अलावा, प्रसार भारती अपने ओटीटी प्लेटफार्म पर स्ट्रीमिंग के लिए लीनियर सेटेलाइट टीवी चैनलों को ऑनबोर्ड करना चाहता है.
इन चैनलों को एक साल की शुरूआती अवधि के लिए ऑनबोर्ड किया जाएगा. यूजर्स के फीडबैक और मार्केट डायनैमिक्स के आधार पर इसमें भविष्य में मॉडिफिकेशंस हो सकते हैं. चैनलों में नेशनल न्यूज और करेंट अफेयर्स, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों भाषाओं में जनरल एंटरटेनमेंट चैनल, साथ ही अन्य जेनर के चैनल शामिल होंगे.
यह भी बताया जा रहा है कि केवल वही सेटेलाइट चैनल ऑनबोर्ड हो सकेंगे, जिन्हें भारत में डिस्ट्रीब्यूशन के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय से लाइसेंस मिला हुआ है.
इसके साथ ही एक कंटेंट सोर्सिंग पॉलिसी शुरू की गई है. जो लीनियर चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स दोनों पर लागू है. इसमें कंटेंट सोर्स करने और खरीदने की प्रक्रियाओं के बारे में बताया गया है. यह पॉलिसी नए प्रोग्राम्स को शुरू करने या बाहरी निर्माताओं के साथ साझेदारी करने की अनुमति देती है. इसके अलावा प्रसार भारती ने क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी जैसे प्रमुख स्पोर्टिंग ईवेंट्स के अधिकारों के लिए बोली लगाने और निगोशिएट करने के लिए एक स्पोर्ट्स राइट्स निगोशिएशन कमेटी बनाई है.
इस तरह का होगा बिजनेस मॉडल
प्रसार भारती का ओटीटी प्लेटफॉर्म रेवेन्यू-शेयरिंग बेसिस पर संचालित होगा. कंटेंट प्रोवइडर्स को सब्सक्रिप्शन या ट्रांजेक्शन बैक्ड कंटेंट से नेट रेवेन्यू का 65% मिलेगा. प्रसार भारती 35% अपने पास रखेगा. प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड होने वाले सेटेलाइट चैनलों पर भी यही रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल लागू होगा. ओटीटी प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों का प्रबंधन प्रसार भारती की ओर से किया जाएगा, जिसमें कोई भी अनसोल्ड एड इनवेंट्री प्रसार भारती और ब्रॉडकास्टर के बीच 65:35 के अनुपात में साक्षा की जाएगी.


