बरेली। हिंदी दैनिक ‘अमृत विचार’ (बरेली) में समाचार संपादक (फीचर) रहे वरिष्ठ पत्रकार पूजन प्रियदर्शी ने सोमवार शाम इस्तीफा दे दिया। प्रियदर्शी का आरोप है कि जुलाई माह का वेतन रोके जाने और लगातार प्रशासनिक दबाव/प्रताड़ना की वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित हैं और इलाज के लिए तत्काल धन की आवश्यकता थी, इसके बावजूद भुगतान नहीं हुआ।
प्रियदर्शी का कहना है कि वेतन और अवकाश संबंधी अनुरोध पर उन्होंने सीईओ पार्थो कुणाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन समाधान नहीं मिला। आरोप है कि एचआर हेड संदीप बत्रा से बातचीत में उन्हें “समस्या का समाधान” देने के बजाय “इस्तीफा देने” की बात कही गई, जिसके बाद उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा ई-मेल कर दिया।
एक अन्य गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि उनके व्यक्तिगत सामान को सफाईकर्मी से कूड़ेदान वाले पॉलिथीन में पैक कर शौचालय के निकट रखवा दिया गया, जिसे सहकर्मियों ने वरिष्ठ पत्रकार की “अवमानना” बताया।

दफ्तर में इस घटनाक्रम के बाद सहानुभूति और आक्रोश, दोनों प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ सहकर्मियों का आरोप है कि “किसी कृपापात्र” के लिए जगह खाली कराने की मंशा से यह पूरी प्रक्रिया तेज की गई—हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
प्रियदर्शी 2019 से ‘अमृत विचार’ से जुड़े थे। वे पेशे से लेखक-प्रकाशक भी रहे हैं और पत्रकारिता जगत में लंबे समय से सक्रिय हैं।
मालिकान व संवेदनशीलता का प्रश्न
उल्लेखनीय है कि अखबार के मालिक डॉ. केशव अग्रवाल और वरुण अग्रवाल का स्वयं का कैंसर इंस्टिट्यूट है। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी संवेदनशील परिस्थिति में संस्थान-स्तरीय सहायता अपेक्षित थी। साथ ही यह भी संभावना जताई जा रही है कि पूरे प्रकरण की पूर्ण जानकारी मालिकान तक समय पर नहीं पहुंची।
नोट- इस प्रकरण पर अख़बार प्रबंधन से संपर्क किया गया पर हो नहीं पाया। अपना पक्ष Bhadas4Media@gmail के जरिए पहुंचा सकते हैं। उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।


