Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

पंजाब

NGT का दरवाजा खटखटाएं: पंजाब केसरी प्रकरण में हाईकोर्ट का दखल से इनकार!

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जालंधर स्थित पंजाब केसरी समूह के 72 कमरों वाले होटल को बंद करने के पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता वाटर (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट की धारा 33B(c) के तहत इस कार्रवाई को चुनौती देने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) का रुख कर सकते हैं।

मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजय बेरी की खंडपीठ ने शुक्रवार को द हिंद समाचार लिमिटेड एवं अन्य बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य मामले में याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए यह आदेश पारित किया।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के 20 जनवरी 2026 के आदेश को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि होटल के खिलाफ एक सप्ताह तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा होटल सहित वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के संबंध में निर्देशित यथास्थिति, इस आदेश की तारीख से एक सप्ताह तक प्रभावी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम संरक्षण

गौरतलब है कि 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब केसरी समूह की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया था कि लुधियाना स्थित प्रिंटिंग प्रेस को बिना किसी रुकावट के संचालित होने दिया जाए, जबकि होटल के मामले में यथास्थिति बनाए रखी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह अंतरिम राहत हाईकोर्ट के अंतिम आदेश के एक सप्ताह बाद तक लागू रहेगी। इसके बाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।

प्राकृतिक न्याय की दलील खारिज

हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि चूंकि बोर्ड ने कार्रवाई से पहले सुनवाई का मौका नहीं दिया, इसलिए न्यायिक समीक्षा जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि आपात स्थिति में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अपने इमरजेंसी अधिकारों के तहत बिना पूर्व सुनवाई के किसी प्रतिष्ठान को बंद करने का अधिकार है, ताकि प्रदूषित पानी से होने वाले संभावित नुकसान को रोका जा सके।

कोर्ट ने यह तर्क भी खारिज कर दिया कि यदि होटल प्रबंधन को मौका दिया जाता, तो वह कमियों को दूर कर सकता था। इसी तरह, बिजली आपूर्ति बंद करने के आदेश को कारण बताने के अभाव में अवैध ठहराने की दलील को भी कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।

राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप

पंजाब में सबसे अधिक बिकने वाले हिंदी और पंजाबी दैनिक अखबार प्रकाशित करने वाला यह मीडिया समूह—पंजाब केसरी, जग बानी और हिंद समाचार—पिछले कुछ समय से आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाता रहा है। समूह का दावा है कि उसके खिलाफ की गई कार्रवाई, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से जुड़ी खबरों के प्रकाशन के बाद शुरू हुई।

वकीलों की मौजूदगी

याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल, अक्षय भान और गौरव चोपड़ा के साथ एडवोकेट प्रतीक गुप्ता, शिफाली गोयल, हिमांशु बिंदल, प्रांशु गोयल और अविचल शर्मा ने पक्ष रखा।
पंजाब राज्य और PSPCL की ओर से एडवोकेट जनरल मनिंदरजीत सिंह बेदी के साथ कविता जोशी और संगम गर्ग पेश हुए। वहीं, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सीनियर एडवोकेट डी.एस. पटवालिया ने एडवोकेट ए.एस. चड्ढा के साथ बहस की।

अब इस पूरे मामले में पंजाब केसरी समूह के लिए अगला कानूनी विकल्प नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाना है।

अदालत का पूरा आदेश यहां पढ़ें – पंजाब केसरी हाईकोर्ट NGT

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन