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पुष्पा2 ने आईपीएस की इज्जत की वाट लगा दी!

Yashwant Singh-

फ़िल्म वालों ने तो आईपीएस की इज़्ज़त की वाट लगानी शुरू कर दी। पुष्पा2 में यह चरित्र आईपीएस है। इसे हर दुर्गुण से लैस दिखाया गया है।

पुष्पा इसको हर मौके पर बेइज्जत करता रहता है। फिल्मों में पहले कांस्टेबल हवलदार दरोगा थानेदार को भ्रष्ट दिखाया जाता था।

अब तो बड़े साहब लोगों को भ्रष्टाचार के परनाले में डुबकी लगाते दिखाया जा रहा है। मुझे आईपीएस की गरिमा के ऐसे पतित चित्रण पर दुख हुआ। @IPS_Association को संज्ञान लेना चाहिए!

https://x.com/yashbhadas/status/1872930212750737582?s=46


शैलेंद्र पांडेय-

एक फिल्म आई थी खलनायक। परिणाम ये हुआ कि असंख्य लोग फिल्म से प्रेरणा लेकर अपराधी बने। अब पुष्पा का क्रेज पूरे देश में देखने को मिला, खासतौर से बिहार में। हीरो तस्करी में सफल होता है तो लोग तालिया बजाते हैं पुलिस वाला हारता है या पेशाब… तब लोग तालियां बजाते हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि इससे प्रेरणा लेकर लोग अपराधी बने। CBFC चेयरमैन प्रसून जोशी अब केवल तमाशा देखते हैं पहले करते भी थे। वक्त आ गया है इनकी विदाई का।

अभिजात श्रीवास्तव-

आईपीएस की कोई गरिमा नहीं है । भ्रष्टाचार की जननी आईपीएस है । आपको क्या लगता है हवलदार के करण पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार है ? पूरा सामंतवादी तंत्र बना रखा है पुलिस में । सारा संसाधन और चौकी से पैसा । ट्रांसफर पोस्टिंग एक टूल की तरह उपयोग होता है । भ्रष्टाचार से ही आईपीएस है । अगर भ्रष्टाचार ना हो तो इस पोस्टिंग के लालच में पैसा कौन देगा चापलूसी कौन करेगा ? ये पैसे वाली चौकी बनायी ही इसीलिए गई है । वैसे भी ऑफिस का सारा संसाधन विलासी सुविधाओं में जाता है और एक्स्पेक्ट किया जाता है कि वो कमा रहा है तो चौकी थाना अपने पैसे से चलाए । गंदगी ऊपर से ही है । हवलदार फिर भी मदद कर देगा ।सबसे गंदा और भ्रष्ट विभाग ऐसे ही पुलिस नहीं है इसको आईपीएस रूल करता है मनमानी करता है । असल अंग्रेज है । इसीलिए है । क्यूंकि इसका चरित्र तो बिल्कुल नहीं बदलने दिया आईपीएस ने।

आनंद मिश्रा-

थाना बेचने की व्यवस्था सबसे पहले आईपीएस अधिकारियों ने ही की थी sir…… वास्तविक चरित्र चित्रण फिल्म में किया गया है….अच्छा लगा sir.

अभिनव कुमार सिंह-

क्या संज्ञान लेगा आईएएस , आईपीएस संघ , हकीकत है कि अब भ्रष्टाचार से ये भी अछूते नहीं रहे है।

प्रदीप विनायक-

आप की चिंता नाजायज है, अगर एक ips केवल चाह भर दे तो हर थाने पर वसूली रुक जाएगी. यशवंत भाई, इसकी जगह आप जैसा भड़ासी व्यक्ति यह मांग करता कि हर ips की चल अचल संपति की जांच हो जाय, IPS ही क्या हर मलाईदार विभाग के अधिकारियों की तो शायद अच्छा लगता.

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