रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin का नाम इन दिनों ख़बरों में कुछ अधिक आ रहा है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से उनकी सीधी मुलाक़ात हुई। इस मुलाक़ात में यूक्रेन के साथ जारी युद्ध को रोकने के उपायों पर विचार किया गया। भारत इस शांतिवार्ता की प्रगति में काफ़ी दिलचस्पी ले रहा है क्योंकि यदि रूस-यूक्रेन युद्ध रुक जाता है तो भारत के सिर पर ट्रंप ने 25% एक्स्ट्रा टैरिफ़ की जो तलवार लटका रखी है, उसके हटने की उम्मीद है।
ख़ैर, ये सब राजनीतिक बातें हैं जो हमारी शब्दचर्चा का मुख्य विषय नहीं हैं। हमारी आज की चर्चा का विषय है रूस के राष्ट्रपति का नाम, बल्कि सरनेम, जिसे नवभारत टाइम्स के अलावा सभी अख़बारों और वेबसाइटों में पुतिन लिखा जा रहा है। नवभारत टाइम्स उसे पूतिन लिख रहा है। ऐसे में आज हम जानते हैं कि PUTIN का सही उच्चारण क्या है।
इसके लिए हमें इस नाम की रूसी स्पेलिंग और उच्चारण में जाना होगा। रूसी में PUTIN को लिखा जाता है Путин। इसमें शुरू और आख़िर की ध्वनियों पर कोई दुविधा नहीं है – П और н ‘प’ और ‘न’ का ही प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन बीच में जो तीन और वर्ण हैं – у, т और и, उनका क्या उच्चारण है, यही हमें पता करना है।
जब मैंने रूसी वर्णमाला में इन पाँचों वर्णों को देखा तो पता चला कि П (P/प) के बाद जो y जैसा चिह्न है, उसका रूसी में उच्चारण होता है ‘ऊ’। इस आधार पर शब्द का पहला हिस्सा तो ‘पू’ ही निकलता है। यानी इस मामले में नवभारत टाइम्स 100% सही है।
अब बचा बाक़ी का हिस्सा। यानी Пу (Pu) के बाद का हिस्सा जो है тин (TIN)। इसे हिंदी की सभी वेबसाइटें ‘तिन लिख रही हैं, ‘टिन’ कोई नहीं लिख रहा।
तो क्या इसका मतलब यह हुआ कि रूसी में т का उच्चारण ‘त’ होता है? नहीं। रूसी में т का उच्चारण ‘त’ नहीं होता। तो फिर प्रश्न उठता है कि जब रूसी में т का उच्चारण ‘त’ नहीं होता तो हमारा हिंदी मीडिया इसे ‘त’ क्यों लिख रहा है।
इसका कारण यह है कि रूसी में т के दो उच्चारण है, एक है ‘ट’ और दूसरा वह जो न अंग्रेज़ी में लिखा जा सकता है, न हिंदी में क्योंकि उस ध्वनि के लिए इन दोनों ही भाषाओं में कोई वर्ण नहीं है। इसलिए अंग्रेज़ी के लोग ‘TIN’ लिखकर अपना काम चला रहे हैं और हिंदी के लोग ‘तिन लिखकर।
लेकिन वह ध्वनि कैसी है रूसी т की जिसे IPA tʲ लिखकर दर्शाता है और जिसे हम हिंदी में नहीं लिख सकते? यह जानने के लिए मैंने Путин के रूसी उच्चारणों को सुना जो Forvo की वेबसाइट और विकिपीडिया पर मौजूद हैं। मुझे यह ध्वनि ‘च’ जैसी लगी। यानी रूसी लोगों के मुँह से PUTIN का नाम सुनने पर
पूचिन/पूछिन जैसा लगता है। आप भी इस और इस लिंक पर क्लिक/टैप करके सुनें और बताएँ कि आपको क्या सुनाई देता है।
अब आते हैं निष्कर्ष पर। आज की चर्चा का निष्कर्ष यह है कि रूसी राष्ट्रपति के सरनेम का जो उच्चारण रूसी भाषा में है, वह हम हिंदी में नहीं लिख सकते लेकिन हिंदी वेबसाइटें जो लिख रही हैं – पुतिन और पूतिन – उनमें पूतिन ही मूल उच्चारण के ज़्यादा क़रीब है। यानी PUTIN के नाम पर नवभारत टाइम्स और हिंदी मीडिया के अन्य संस्थानों में हो रहे स्पेलिंग युद्ध में NBT ही विजयी प्रतीत हो रहा है।
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शब्दचर्चा (30): नगालैंड है या नागालैंड?


