यूपी के दाग़ी मुख्य सचिव राहुल भटनागर को क्यों दिया गया बदनामी भरा ‘शुगर डैडी’ का Title, आइए जानें

Surya Pratap Singh : उ.प्र. में क्या निजी चीनी मिलों के ‘एजेंट’ हैं ‘शुगर डैडी’….. कब योगी जी की ‘वक्र’ दृष्टि पड़ेगी इन महाशय पर?  दाग़ी मुख्य सचिव, राहुल भटनागर को क्यों दिया गया बदनामी भरा ‘शुगर डैडी’ का Title….क्या लम्बे समय से वित्त के साथ-२ गन्ना विभाग के प्रमुख सचिव की कुर्सी पर विराजमान रहे ‘शुगर डैडी’ सशक्त शुगर लॉबी का लाड़ला है….. हो भी क्यों न…इन्होंने गन्ना किसानों को रु. 2,016 करोड़ का जो चूना लगाकर चीनी मिलों को सीधा लाभ जो पहुँचाया है….किसानों को देय गन्ना मूल्य पर रु. 2,016 का ब्याज एक झटके में माफ़ कर दिया….. चीनी मिलों पर इस रहमत के लिए कितना माल ‘शुगर डैडी’ की जेब में गया और कितना अखिलेश यादव की, यह तो कहना मुश्किल है लेकिन इसे समझना काफ़ी आसान है। हाईकोर्ट ने ‘शुगर डैडी’ को न केवल कोर्ट में तलब कर फटकार लगाई अपितु ‘किसान विरोधी’ होने का तमग़ा देकर तीखी टिप्पणी भी की……

उच्च न्यायालय ने सरकार के इस ‘किसान विरोधी’ निर्णय पर रोक लगाने के साथ ही चार माह में मामले को निस्तारित करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन शुगर डैडी इसे दबा कर बैठ गए। दो माह बीत जाने के बावजूद ‘शुगर डैडी’ ने CM योगी को अंधेरे में रखकर इस फ़ाइल को दबा दिया…CM योगी किस दबाव में ये सब बर्दाश्त कर रहे है , समझ से परे है। वैसे चीनी मिलों के करोड़पति मालिकान सभी सत्ताधिशों के नज़दीक हो ही जाते हैं। शराब व पंजीरी माफ़िया पॉंटी चड्ढा ग्रूप भी ‘शुगर डैडी’ के बड़ा नज़दीक बताया जाता है।

शुगर डैडी के नाम से कुख्यात मुख्य सचिव के कई अन्य कारनामों से जहां गन्ना किसानों में जबरदस्त रोष है…ठगा महसूस कर रहे हैं गन्ना किसान..इन्होंने पेराई सत्र 2012-13 और 2013-14 का 1306 करोड़ रुपए और फिर अक्टूबर 2016 में 2014-15 का 710 करोड़ रुपए का मिलों द्वारा किसानों को देय ब्याज माफ कर किसानों का ख़ूब ख़ून चूसा… मुख्य सचिव पद के इतिहास में यह पहला मौक़ा है जब कोई मुख्य सचिव अपने पद के साथ-२ प्रमुख सचिव, गन्ना विभाग का पद भी हथियाए हुए है….क्या लालच है कि राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव गन्ना विभाग का पद नहीं छोड़ पा रहे हैं……. न अपनी और न सरकार की बदनामी की महोदय को कोई चिंता नहीं है।

कोई IAS/IPS अधिकारी जब न्याय की कुर्सी पर बैठता है तो उसकी कोई जाति या धर्म नहीं होनी चाहिए, उन्हें यही ट्रेनिंग दी जाती है लेकिन आज लोग ख़ूब चटकारे लेकर बात कर रहे है कि मुख्य सचिव, राहुल भटनागर , CM योगी जी की आँख में भी धूल झोंक कर हाल में हुए IAS/IPS अधिकारियों के ट्रान्स्फ़र में मलाईदार पदों पर अपने कई ‘स्वजातीय’ अधिकारियों को तैनात कराने में सफल रहे …. यदि सही है, तो शर्मनाक है एक उच्च IAS अधिकारी का इस प्रकार का जातिवाद…. क्या फ़र्क़ रह गया अखिलेश यादव/मुलायम व एक IAS में…

आज प्रदेश में अस्पतालों का बुरा हाल है..शिक्षा व्यवस्था चौपट है… गन्ना किसान ही क्या सभी किसान/मज़दूर परेशान हैं…. भर्तियाँ बंद हैं… बेरोज़गारी मुँहबायें खड़ी है…. सड़के टूटी हैं….भ्रष्टाचार का बोलबाला है ….क़ानून व्यवस्था का बुरा हाल है.. एक मुख्य सचिव इस सबके के लिए सीधे जिम्मेदार होता है…. प्रदेश में ढीला ढाला प्रशासन भी ‘शुगर डैडी’ की हो देन है….अखिलेश सरकार के नॉएडा/इक्स्प्रेस्वे/एलडीए/जीडीए में मचे भ्रष्टाचार व भ्रष्ट अधिकारियों को भी बचाए है, शुगर डैडी… भ्रष्ट इंजीनियर यादव सिंह को भी इन्हि के नेतृत्व में बचाया था।

प्रमुख सचिव, ग्रह के जाने के बाद अब अखिलेश की लम्बी ‘नाक के बाल’ व अपने से कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों को धक्का मार कुर्सी पर बैठे ‘कम्बल ओढ़कर घी पीने वाले’ दाग़ी मुख्य सचिव, राहुल भटनागर उर्फ़ ‘शुगर डैडी’ के जाने का इंतज़ार है , उत्तर प्रदेश के जनमानस को …..एक ईमानदार, कर्मशील मुख्यसचिव चाहिए इस प्रदेश को जो भाजपा के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के agenda को गति प्रदान कर सके …..

क्या मैंने ग़लत कहा, मित्रों? सुना है कि ‘शुगर डैडी’ को शुगर लॉबी के साथ-२,LDA में कार्यरत बड़े बिल्डर व भाजपा के एक स्वजातीय बड़े नेता, ओम् ..ॐ का भी संरक्षण भी है….कैसे अपनी धुन के पक्के योगी जी पार पाएँगे उत्तर प्रदेश के ऐसे नौकरशाहों से, देखना रुचिक़र होगा !!!

यूपी कैडर के सीनियर आईएएस रहे और फिलवक्त भाजपा नेता के रूप में सक्रिय सूर्य प्रताप सिंह की एफबी वॉल से.

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