आईएएस रमा रमण करप्शन के खेल में जा सकते हैं जेल में!

Hemant Krishna : आईएएस रमारमण फिर विवादों में हैं. उनके खिलाफ करप्शन का केस दर्ज हुआ है. इस बार रमा रमण की गिरफ्तारी भी संभव है. ग्रेटर नोएडा आथॉरिटी के पूर्व सीईओ एवं चेयरमैन रमारमण समेत पांच के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है. इनमें एक बिल्डर भी शामिल है. पुलिस ने …

अफसर ईमानदार बनेगा तो खेमका हो जाएगा, सीएम ने खराब कर दी एसीआर!

आज के दौर में ईमानदार होने का मतलब हो गया है प्रताड़ित होते रहना. हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका इसके आदर्श उदाहरण हैं. सीनियर आईएएस अशोक खेमका की 2016-17 की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एसीआर) को खुद सीएम मनोहर लाल खट्टर ने खराब कर दिया है. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें …

यूपी के महाभ्रष्ट अरबपति आईएएस सत्येंद्र सिंह यादव की उल्टी गिनती शुरू!

Manish Srivastava : मेहनत कुछ तो रंग ला रही…. यूपी के महाभ्रष्ट अरबपति आईएएस सत्येंद्र सिंह यादव की उल्टी गिनती शुरू। शासन ने तीन दिनों में समस्त शिकायतों का ब्यौरा तलब किया। पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट एलडीए से मांगी गई है। पहले भी मांगी गई थी। Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

अपनी नई किताब ‘तितलियों का शोर’ के विमोचन के दौरान IAS डॉ. हरिओम गुनगुनाए, देखें वीडियो

ग़ज़ल गायक, शायर और कथाकार के रूप में चर्चित आईएएस अधिकारी डॉ. हरिओम के अफ़सानों की नई किताब ‘तितलियों का शोर’ का पिछले दिनों विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली में वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर रस्म-ए-इज़रा हुआ। Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

लखनऊ के पत्रकार परवेज अहमद ने दो साल पहले लिखा था- ‘खनन घोटाले में फंसेंगे कई आईएएस!’

Parvez Ahmad : कुछ आईएएस, ठेकेदार, एमएलसी के घरों पर सीबीआई की छापेमारी हो रही है। यह खबर मैंने 5 जून 2017 को ‘दैनिक जागरण’ में लिखी थी। शीर्षक था- खनन घोटाले की ‘सीबीआई जांच की आंच में तपेंगे यूपी के चार आईएएस, मुख्यमंत्री के सचिव’। आज की कार्रवाई पर लगा कि अब भी खबरों …

यूपी के इस सीनियर IAS अफसर को संगीत से है बेहद प्रेम, सुनिए ये ताजी पेशकश

नाम है डा. हरिओम. यूपी कैडर के सीनियर आईएएस अधिकारी हैं. पैशन है गायकी, संगीत, सुर, लय और ताल. कई एलबम आ चुके हैं. इनकी लिखी एक ग़ज़ल अभी हाल में ही इन्हीं की आवाज़ में संगीत प्रेमियों के सामने आई है जिसे बेहद पसंद किया जा रहा है. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और …

डीएम साहब की चहेती युवती चला रही है जिला!

चहेती युवती की हर बात पर एक्शन लेते हैं डीएम साहब… आखिर क्या है दोनों का रिश्ता…. गांव और शहर में हो रही है चर्चा… पंचायत विभाग के डीपीआरओ कार्यालय में संविदा पर तैनात है चहेती युवती… युवती के कहने पर 5 संविदाकर्मियों को बिना कारण हटा चुके हैं डीएम…  डीपीआरओ और सीडीओ समेत सारे …

एक राज्य के सबसे बड़े अधिकारी रहे इस शख्स की बेबसी देखिए

Navniet Sekera : एक राज्य के सबसे बड़े अधिकारी की बेबसी। पाप अपने बाप का नही होता, ये 24 Jan को रांची कोर्ट में देखने को मिला। ये सजल चक्रवर्ती है कुछ दिन पहले तक झारखंड के चीफ सेक्रेटरी थे लेकिन चारा घोटाला में इनका भी नाम आ गया और दोषी भी करार हो गए। सोचिये एक हमारे बिहार में दरोगा बन जाता है तो पूरे गांव प्रखंड में उसकी टशन हो जाती है। बड़े बड़े लोग झुक के हाय हेलो करते हैं। सजल चक्रवर्ती तो मुख्य सचिव थे दिन में ना जाने कितने IAS/IPS पैर छूते होंगे लेकिन आज इनकी बेबसी देख कर दिल रो गया।

दागी आईएएस सत्येंद्र सिंह पर मेहरबान योगी सरकार

यूपी की योगी सरकार दागी आईएएस सत्येंद्र सिंह पर मेहरबान है. यही कारण है कि इस भाजपा सरकार में इस घोटालेबाज अफसर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है. आईएएस सत्येंद्र सिंह एनआरएचएम घोटाले के भी आरोपी हैं. वे अब भी एक बड़े पद पर तैनात हैं.  सत्येंद्र सिंह जब एनआरएचएम में जीएम हुआ करते थे तो उन्होंने काफी खेल किए. इसी कारण उन्हें आरोपी बनाया गया. सीबीआई जांच के दौरान सत्येंद्र सरकारी गवाह बन गए. इसी कारण उनके खिलाफ चलने वाली सभी जांच ठंढे बस्ते में डाल दी गई. पर क्या सरकारी गवाह बनने से गुनाह माफ़ हो जाते हैं?

सीएम योगी के पैर छूने वाले बाराबंकी डीएम अखिलेश तिवारी को बीजेपी सांसद प्रियंका रावत ने बताया भ्रष्टाचारी

बाराबंकी : यूपी के बाराबंकी में बीजेपी सांसद प्रियंका रावत ने अपनी ही सरकार के डीएम अखिलेश तिवारी पर भ्रष्टाचार और भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। डीएम के खिलाफ शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। प्रियंका ने मुख्यमंत्री से शिकायती पत्र में  डीएम अखिलेश तिवारी पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। पत्र में शिकायत की गयी है कि डीएम द्वारा ज़िले में विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों में सहयोग नहीं किया जा रहा जिसके कारण जनपद के विकास कार्य अवरुद्ध हो गए हैं। इससे भाजपा सरकार की छवि धूमिल हो रही है।

यूं महाभ्रष्ट बना दी गईं नीरा यादव!

Dayanand Pandey : कभी थीं नीरा यादव भी ईमानदार जब वह नीरा त्यागी हुआ करती थीं। उन की ईमानदारी के नाम पर चनाजोर गरम बिका करता था। उन दिनों जौनपुर में डी एम थीं। उन के पति त्यागी जी सेना में थे। 1971 के युद्ध में खबर आई कि वह वीरगति को प्राप्त हुए। नीरा यादव ने महेंद्र सिंह यादव से विवाह कर लिया। तब यादव जी डी आई जी थे। लेकिन बाद में त्यागी जी के वीरगति प्राप्त करने की खबर झूठी निकली। पता चला वह युद्ध बंदी थे। बाद के दिनों में वह शिमला समझौते के तहत छूट कर पाकिस्तान से भारत आ गए। नीरा यादव से मिलने गए तो वह उन से मिली ही नहीं। उन्हें पति मानने से भी इंकार कर दिया। त्यागी जी भी हार मानने वालों में से नहीं थे। डी एम आवास के सामने धरना दे दिया। कहां तो नीरा यादव के नाम से ईमानदारी का चनाजोर गरम बिकता था, अब उन के छिनरपन के किस्से आम हो गए। खबरें छपने लगीं। किसी तरह समझा बुझा कर त्यागी जी को धरने से उठाया गया। जाने अब वह त्यागी जी कहां हैं, कोई नहीं जानता।

हिंदी वाले आईएएस बनने का सपना अब छोड़ ही दें!

सफलता के हज़ार साथी होते हैं, किन्तु असफलता एकान्त में विलाप करती है। यूँ तो सफलता या असफलता का कोई निश्चित गणितीय सूत्र नहीं होता, किन्तु जब पता चले कि आपकी असफलता कहीं न कहीं पूर्व नियोजित है, तो वह स्थिति निश्चित रूप से चिंताजनक है। देश की सबसे बड़ी मानी जाने वाली आईएएस की परीक्षा को आयोजित करने वाली संस्था ‘संघ लोक सेवा आयोग’ आज घोर अपारदर्शिता और विभेदपूर्ण व्यवहार में लिप्त है।

भास्कर की लैंड डील कैंसल करने वाली महिला आईएएस अफसर का तबादला

लगता है रमन सिंह दैनिक भास्कर के सामने दंडवत हो गए हैं. तभी तो उस महिला आईएएस अधिकारी का तबादला कर दिया गया जिसने दैनिक भास्कर की रायपुर में जमीन की लैंडडील रद्द की थी. इस बारे में स्टेट्समैन अखबार में विस्तार से खबर छपी है, जिसे नीचे पढ़ सकते हैं….

भाजपा राज में भी अशोक खेमका और अमिताभ ठाकुर के साथ न्याय नहीं हुआ!

Surya Pratap Singh : मेरे सहयोगी अशोक खेमका, IAS ने आज ट्विटर पर निम्न विचार लिखा ….

मुख्य सचिव रहते राहुल भटनागर ने सहयोगी अफसरों को बदनाम किया, कुर्सी बचाने को किए घिनौने कृत्य!

राहुल भटनागर पर आरोप है कि मुख्य सचिव रहते हुए उन्होंने न सिर्फ अपने सहयोगी अफसरों को बदनाम किया बल्कि अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए हर किस्म के घिनौने हथकंडे अपनाए. उदाहरण के तौर पर गोमती रिवर फ्रन्ट परियोजना के सम्बन्ध में जानबूझकर राहुल भटनागर ने अपने सहयोगी अधिकारियों को बदनाम करने की नीयत से अनियमित कार्यवाही की… कुछ प्वाइंट्स देखें…

देश में 8 साल में मात्र 10 आईएएस पर विभागीय कार्यवाही, आरटीआई से हुआ खुलासा

कार्मिक तथा प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार के जन सूचना अधिकारी के श्रीनिवासन द्वारा आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर को दी गयी सूचना दिनांक 22 जून 2017 से यह तथ्य सामने आया है कि पिछले 08 सालों में पूरे देश में मात्र 08 आईएएस अफसरों पर वृहत दंड तथा 02 आईएएस अफसर पर लघु दंड, अर्थात कुल 10 अफसरों पर विभिन्न दंड हेतु विभागीय कार्यवाही की गयी है.

भ्रष्ट और चापलूस अफसरों ने सीएम योगी के हाथों आईएएस एनपी सिंह और आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे के करियर का कत्ल करा दिया!

सुभाष चंद्र दुबे तो लगता है जैसे अपनी किस्मत में लिखाकर आए हैं कि वे सस्पेंड ज्यादा रहेंगे, पोस्टेड कम. सुल्तानपुर के एक साधारण किसान परिवार के तेजस्वीय युवक सुभाष चंद्र दुबे जब आईपीएस अफसर बने तो उनने समाज और जनता के हित में काम करने की कसम ली. समझदार किस्म के आईपीएस तो कसमें वादे प्यार वफा को हवा में उड़ाकर बस सत्ता संरक्षण का पाठ पढ़ लेते हैं और दनादन तरक्की प्रमोशन पोस्टिंग पाते रहते हैं. पर सुभाष दुबे ने कसम दिल से खाई थी और इसे निभाने के लिए अड़े रहे तो नतीजा उनके सामने है. वह अखिलेश राज में बेईमान अफसरों और भ्रष्ट सत्ताधारी नेताओं की साजिशों के शिकार होते रहे, बिना गल्ती सस्पेंड होते रहे.

यूपी के दागी चीफ सेक्रेट्री की विदाई तय, केंद्र से लौटे राजीव कुमार सिंह को मिलेगी जिम्मेदारी

यूपी के दागी नौकरशाह और चीफ सेक्रेट्री राहुल भटनागर ने भाजपा राज में भी कई महीने तक निर्विरोध बैटिंग कर ली, यह उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियों में से एक माना जाना चाहिए. जिस राहुल भटनागर के कार्यकाल में और जिस राहुल भटनोगर के अनुमोदन से यूपी में दर्जनों गोलमाल हुए, वही राहुल भटनागर आज भी खुद को पाक साफ दिखाकर मुख्य सचिव की कुर्सी हथियाए हुए हैं.

योगी जी को अखिलेश यादव के जमाने वाले मुख्य सचिव राहुल भटनागर उर्फ शुगर डैडी से इतना प्रेम क्यों?

Yashwant Singh : यूपी का मुख्य सचिव एक ऐसा दागी आदमी है जिसे खुलेआम लोग शुगर डैडी कहते और लिखते हैं. शुगर डैडी बोले तो शुगर लॉबी का दलाल. बोले तो शुगर मिल मालिकों का चहेता. बोले तो यूपी की चीनी मिलों के प्रबंधन का प्रतिनिधि. बोले तो यूपी के गन्ना किसानों का दुश्मन.

यूपी के दाग़ी मुख्य सचिव राहुल भटनागर को क्यों दिया गया बदनामी भरा ‘शुगर डैडी’ का Title, आइए जानें

Surya Pratap Singh : उ.प्र. में क्या निजी चीनी मिलों के ‘एजेंट’ हैं ‘शुगर डैडी’….. कब योगी जी की ‘वक्र’ दृष्टि पड़ेगी इन महाशय पर?  दाग़ी मुख्य सचिव, राहुल भटनागर को क्यों दिया गया बदनामी भरा ‘शुगर डैडी’ का Title….क्या लम्बे समय से वित्त के साथ-२ गन्ना विभाग के प्रमुख सचिव की कुर्सी पर विराजमान रहे ‘शुगर डैडी’ सशक्त शुगर लॉबी का लाड़ला है….. हो भी क्यों न…इन्होंने गन्ना किसानों को रु. 2,016 करोड़ का जो चूना लगाकर चीनी मिलों को सीधा लाभ जो पहुँचाया है….किसानों को देय गन्ना मूल्य पर रु. 2,016 का ब्याज एक झटके में माफ़ कर दिया….. चीनी मिलों पर इस रहमत के लिए कितना माल ‘शुगर डैडी’ की जेब में गया और कितना अखिलेश यादव की, यह तो कहना मुश्किल है लेकिन इसे समझना काफ़ी आसान है। हाईकोर्ट ने ‘शुगर डैडी’ को न केवल कोर्ट में तलब कर फटकार लगाई अपितु ‘किसान विरोधी’ होने का तमग़ा देकर तीखी टिप्पणी भी की……

आज 17 मई, आज अनुराग तिवारी का जन्मदिन… लेकिन यह युवा आईएएस नहीं रहा… अलविदा दोस्त

Abhishek Upadhyay : आज अनुराग का जन्मदिन है। सुबह से सोच रहा था, कि अब फोन मिलाऊं। अच्छा नहा लूं। फिर मिलाता हूं। पूजा रह गई है। वो करके तफ्सील से बात करूंगा। जब तक मोबाइल हाथ में उठाया, 9.45 हो चुके थे। टीवी चल रही थी। अब तक लखनऊ में एक आईएएस की मौत की खबर ब्रेकिंग न्यूज बनकर चलना शुरू हो चुकी थी। मैं पागलों की तरह चैनल बदल रहा था। गलत खबरें भी चल जाती हैं, कभी-कभी। मगर हर चैनल पर वही खबर। कर्नाटक काडर का आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी।

योगी को जेल भेजने वाले आईएएस अधिकारी हरिओम पर आज उनका ही अपना एक गाना एकदम फिट बैठ रहा

म्यूज़िक कंपनी ‘मोक्ष म्यूज़िक’ और संगीतकार राज महाजन के करीबी माने जाने वाले आईएएस अधिकारी डॉ. हरीओम से ऐसी क्या गलती हुई जिसका हर्जाना उन्हें आज 10 साल बाद भरना पड़ रहा है? आज के हालातों में गाया हुआ उनका अपना ही गाना ‘सोचा न था, जाना न था, यूँ हीं ऐसे चलेगी ज़िन्दगी’ उन पर एक दम सूट कर रहा है. आज से दस साल पहले IAS अधिकारी डॉ. हरीओम ने सांसद ‘योगी आदित्यनाथ को भेजा था जेल.  बस… यही थी उनकी खता जिसे आज वह भुगत रहे हैं.

आईएएस एनपी सिंह और आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे, ये दो अफसर क्यों हैं तारीफ के काबिल, बता रहे यशवंत

Yashwant Singh : इधर बीच 2 अफसरों से मिलना हुआ। एक आईएएस और दूसरे आईपीएस। क्या कमाल के लोग हैं दोनों। इनसे मिल कर ये तो संतोष हुआ कि ईमानदारी और दबंगई की जुगलबन्दी के जो कुछ स्पार्क शेष हैं इस महाभ्रष्ट सिस्टम में, वे ही जनाकांक्षाओं में उम्मीद की लौ जलाए हुए हैं। इन दोनों अफसरों के बारे में थोड़ा-सा बताना चाहूंगा। इनके नाम हैं- आईएएस एनपी सिंह और आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे। एक नोएडा के डीएम, दूजे गाजीपुर के पुलिस कप्तान।

NP Singh

यादव सिंह को बहाल कर प्रमोशन देने वाले भ्रष्टाचारी आईएएस रमा रमण का बाल भी बांका नहीं हुआ

Surya Pratap Singh :   ‘भ्रष्टाचारों’ पर मज़े की बात… नॉएडा/ग्रेटर नॉएडा/यमुना इक्स्प्रेस्वे अथॉरिटिज़…. वर्तमान सरकार द्वारा भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए किए जा रहे ‘अश्वमेघ यज्ञ’ के असली (भ्रष्ट) घोड़ों को कौन पकड़ेगा… इन घोड़ों ने प्रदेश की अस्मिता को रौंदा है…. जेल की ऊँची दीवारें व बेड़ियाँ प्रतिक्षरत हैं…… सीबीआइ की गिरफ्त में भ्रष्ट इंजीनियर यादव सिंह इन दिनों सीबीआइ का मुजरिम हैं और जेल में निरुद्ध हैं। जिस रमा रमण आईएएस ने यादव सिंह का निलम्बन बहाल किया और प्बिना डिग्री प्रोन्नति देकर तीनों नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना एक्सप्रेस अथारिटी में इंजीनियर-इन-चीफ़ बनाया, उसका बाल भी बाँका नहीं।

आईएएस रमा रमण के कार्यकाल में नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरणों में हुए घपले-घोटालों की जांच की मांग

Yashwant Singh : चर्चित आईएएस सूर्य प्रताप सिंह अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं :

यूपी में भ्रष्ट नौकरशाहों का गैंग भाजपा राज में भी मलाई चाटने-चटाने के लिए तैयार : सूर्य प्रताप सिंह

Surya Pratap Singh : उत्तर प्रदेश की ‘नौकरशाही के भ्रष्ट चेहरे’ अपनी पसंद के मुख्यमंत्री व मंत्री बनवाने में लगे! उत्तर प्रदेश में कुछ नौकरशाहों की ‘भ्रष्ट लेकिन धनाढ़्य’ गैंग (CAUCUS) की आज ये हिम्मत / हस्ती है कि दिल्ली से लेकर नागपुर तक अपने पसंद के मुख्यमंत्री व मंत्री बनवाने के किए पैरवी में लगे हैं…. पिछली दो सरकारों में जिस नौकरशाह गैंग की तूती बोलती थी वे ‘पैसे व रसूक़’ के बल पर ‘मलाई चाटने व चटाने’ के लिए फिर से तैयार हैं…

यूपी में इस वक्त प्रशासन नाम की चीज नहीं है, नकल माफिया कर रहे नंगा नाच : आईएएस सूर्यप्रताप सिंह

Surya Pratap Singh : उत्तर प्रदेश में नक़ल माफ़िया का नंगा नाँच…. नयी सरकार की ‘ट्रैंज़िशन-अवधि’ में उ० प्र० में प्रशासन नाम की चीज़ नहीं है…. भारी ‘जनादेश’ देकर भी नक़ल माफ़िया के सामने जनता बेबसी से ‘कौन होगा मुख्यमंत्री’ के खेल का मंचन देख रही है… नक़ल के लिए कुख्यात कौशाम्बी, इलाहाबाद में यूपी बोर्ड परीक्षा में धुंआधार नकल, यहां इमला बोलकर लिखाया गया एक-एक उत्तर… नीचे देख सकते हैं प्रमाण के तौर पर संबंधित वीडियो…

यूपी के इस बवाली और तानाशाह डीएम ने मीडियाकर्मियों को सरेआम हड़काया (देखें वीडियो)

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के जंगलराज में विविध प्रजातियों के अधिकारी खूब फलते-फूलते पाए जाते हैं. एक महोदय हैं बहराइच जिले के डीएम उर्फ जिलाधिकारी. इन्हें लोग प्यार से अब ‘बवाली DM’ कह कर पुकारने लगे हैं. ये खुद ही बवाल करते कराते रहते हैं. इन महाशय को तानाशाही पसंद है. जब चाहेंगे तब मीडिया को दौड़ा लेंगे. कैमरे बंद करा देंगे. डांट लगा देंगे. जब चाहेंगे तब किसी होमगार्ड को डंडे से पीट देंगे. होमगार्ड की पिटाई करने वाले डीएम के रूप में कुख्यात जिलाधिकारी अभय का ताजा कारनामा है पत्रकारों को डांट डपट कर कैमरा बंद कराना और कवरेज से रोकना.

इंटरव्यू : टी. जार्ज जोसेफ (वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, रिटायर्ड)

यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी टी. जार्ज जोसेफ भले ही कई बरस पहले रिटायर हो गए हों लेकिन उनको जानने चाहने वालों की कमी लखनऊ में नहीं है. ईमानदारी और सादगी के मामले में चर्चित जार्ज जोसेफ साहब पिछले दिनों वो दृष्टांत मैग्जीन की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में लखनऊ आए तो उनसे नौकरशाही, राजनीति, जीवन समेत कई आयामों / मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह ने.

देवरिया के खरवनिया गांव में क्यों जुटते है बड़े-बड़े आईएएस और आईपीएस अधिकारी?

अफसरों को नतमस्तक करने वाली कौन सी जादू की छड़ी है नन्द लाल जायसवाल और रामजी जायसवाल के पास?  देवरिया 17 नवम्बर : एक तरफ प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव जहां प्रशासनिक अधिकारियों को ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का पाठ पढ़ाने में सदैव आगे रहते है वहीं प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के उक्त आदेश को ठेंगा दिखाने में पीछे नहीं रहते है। वे भूमाफिया और अनेकों आरोपों से घिरे विवादित धन्ना सेठों के यहां पहुंच कर उनका महिमा मंडन करते हैं तथा उपकृत होते है। यहीं नहीं, ये प्रशासनिक अधिकारी जहां आम जनता से बड़ी मुश्किल मिलते हैं वहीं धन कुबेरों के घरों पर जाकर घण्टों बैठकर आनन्दित होते रहते है तथा महफिल सजाते हैं।