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भड़ास की ख़बर पर मुहर: सहाराश्री की 88 संपत्तियां अडानीश्री के हवाले? देखें दस्तावेज

कन्हैया शुक्ला-

नई दिल्ली। सहारा समूह की संपत्तियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक दस्तावेज़ के मुताबिक, सहारा समूह की कई दर्जन संपत्तियां अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को सौंपे जाने की तैयारी है। भड़ास4मीडिया ने दो दिन पहले यह खबर ब्रेक की थी जिसके आज दस्तावेज भी सामने आ गए हैं।

6 सितंबर 2025 को सहारा और अडानी समूह के बीच हुई टर्म शीट के तहत यह प्रस्ताव रखा गया है कि सूचीबद्ध संपत्तियां (Schedule-B) और कुछ अतिरिक्त संपत्तियां अडानी समूह को बेची/ट्रांसफर की जाएं। इसके लिए अदालत से औपचारिक मंजूरी मांगी गई है।

याचिका में साफ तौर पर कहा गया है कि इन संपत्तियों पर किसी भी तरह की जांच, कार्रवाई या केस—चाहे वह ईडी, इनकम टैक्स, पुलिस, SFIO, ब्लैक मनी अथवा बेनामी संपत्ति कानून के तहत हो—का असर न पड़े। साथ ही, अगर सहारा या किसी तीसरे पक्ष की ओर से कोई दावा या आपत्ति आती है, तो उसका निपटारा सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही करेगी।

दस्तावेज़ में यह भी अनुरोध किया गया है कि अन्य अदालतों, ट्रिब्यूनलों या रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ को इन संपत्तियों से जुड़े मामलों में कोई हस्तक्षेप का अधिकार न हो। इसके अलावा कोर्ट से मांग की गई है कि रजिस्टार अथॉरिटी या नियुक्त अधिकारी को अधिकार दिया जाए ताकि वे सहारा समूह की ओर से सभी जरूरी दस्तावेज़ (जैसे सेल डीड, म्यूटेशन, NOC आदि) पूरे कर सकें।

अडानी चाचा को बेचे जाने का सबूत जो सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका में दर्शाया गया है
ये कुल परिसंपत्तियों का आंकलन है जो सहारा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है जिसकी सुनवाई संभवतः अगले माह होगी

सहारा की सभी 88 प्रोपर्टी अडानी को दे दिया गया है, सहारा शहर, सहारा गंज, सहारा ग्रेस, सहारा स्टार, सहारा प्रेस, अंबे वैली, मुम्बई का फ्लैट्स, वर्सोवा लैंड, सहारा एस्टेट, गोरखपुर, लखनऊ, सभी जोन कार्यालय इत्यादि…अब सहाराश्री की जगह अडानीश्री होंगे सहारा के संपत्तियों के मालिक।

निवेशकों पर क्या होगा असर?

सहारा समूह पर लाखों निवेशकों का पैसा बकाया है। अब सवाल यह है कि अगर ये संपत्तियां अडानी समूह को ट्रांसफर हो जाती हैं, तो क्या निवेशकों के बकाये की वसूली प्रभावित होगी या उन्हें राहत मिलेगी? इस पर अदालत का रुख अहम होगा।


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1 Comment

1 Comment

  1. Arun Srivastava

    September 25, 2025 at 2:49 pm

    सत्यमेव जयते: एक ही पीढ़ी में रसातल में समा गया सहारा इंडिया परिवार। निकल गई सारी हेकड़ी … आशा है कि सुप्रीम कोर्ट कर्मचारियों के बकाया पर बेहतर गाइड लाइन देगा।

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