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अनिल अब्राहम गिरफ्तार, सहारा की संपत्तियों की गुप्त रूप से बिक्री में शामिल थे, भारी मात्रा में बेहिसाब नकद लेन-देन को छुपाया!

सहारा घोटाले में बड़ी कार्रवाई: ED ने चेयरमैन ऑफिस के कार्यकारी निदेशक और प्रॉपर्टी ब्रोकर को किया गिरफ्तार

कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सहारा समूह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए समूह के चेयरमैन कोर मैनेजमेंट (CCM) ऑफिस के कार्यकारी निदेशक अनिल वैलापरंपिल अब्राहम और लंबे समय से सहारा से जुड़े प्रॉपर्टी ब्रोकर जीतेन्द्र प्रसाद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के अंतर्गत की गई है।

ईडी की जांच में सामने आया है कि अनिल अब्राहम सहारा की संपत्तियों की गुप्त रूप से बिक्री में शामिल थे और इन सौदों में भारी मात्रा में बेहिसाब नकद लेन-देन हुआ, जिसे अवैध रूप से छुपाया गया। वहीं, जे. पी. वर्मा ने इन संपत्ति सौदों को अमल में लाने और नकदी को इधर-उधर करने में सक्रिय भूमिका निभाई।

ईडी द्वारा की गई तलाशी में कई डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि सहारा समूह की संपत्तियाँ एक-एक कर के चोरी-छिपे बेची जा रही थीं और इनसे प्राप्त राशि को भारत से बाहर भेजा जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि सहारा के प्रमोटर देश के बाहर रहकर इस पूरी प्रक्रिया को संचालित कर रहे थे।

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को 12 जुलाई 2025 को कोलकाता की तीसरी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 जुलाई 2025 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।

ईडी ने यह जांच ओडिशा, बिहार और राजस्थान में दर्ज तीन प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की थी, जिनमें हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (HICCSL) सहित अन्य सहारा संस्थाओं पर धारा 420 और 120बी IPC के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।

अब तक सहारा समूह की विभिन्न संस्थाओं के खिलाफ 500 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से 300 से अधिक मामलों में PMLA के अंतर्गत अपराध दर्ज हैं। इन मामलों में निवेशकों से धोखाधड़ी, जबरन पुनर्निवेश और मैच्योरिटी भुगतान से इनकार जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

ईडी की जांच से पता चला है कि सहारा समूह की कंपनियाँ, जैसे HICCSL, SCCSL, SUMCS, SMCSL, SICCL, SIRECL, SHICL आदि, कथित रूप से पोंजी स्कीम चला रही थीं। इन कंपनियों ने निवेशकों को भारी रिटर्न और कमीशन का लालच देकर धन जुटाया और फिर इसे मनमाने ढंग से प्रबंधित किया गया।

तलाशी के दौरान ₹2.98 करोड़ की नकदी जब्त की गई है और दो अस्थायी कुर्की आदेश (Provisional Attachment Orders) भी जारी किए गए हैं:

707 एकड़ भूमि (मूल्य ₹1460 करोड़) – एंबी वैली 1023 एकड़ भूमि (मूल्य ₹1538 करोड़) – सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड

ईडी की यह कार्रवाई सहारा समूह के खिलाफ चल रही अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। आगे की जांच जारी है।

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