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उत्तर प्रदेश

सहारा मीडिया में कर्मचारियों के धरने का 27वां दिन, आंदोलन तोड़ने की प्रबंधन रच रहा साजिश!

Day 27- सहारा प्रबंधन को न कानून का डर न प्रशासन की नोटिसों का खौफ, प्रबंधन सिर्फ चला रहा तुगलकी फरमान

नोएडा- सहारा प्रबंधन कर्मचारियों के धरने को खत्म कराने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाने में जुटा है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रबंधन ने जिला प्रशासन को पूरी तरह हाइजैक कर लिया है। तमाम जगह शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन का बाल भी बांका नहीं हो रहा और कर्मचारी उस दिन को कोस रहे हैं जब उन्होंने इस कंपनी को ज्वाइन करने का फैसला लिया था।

बीते करीब एक माह से सहारा कॉम्लेक्स में सेक्टर 24 थाना की पुलिस तैनात है इसके बावजूद सहारा प्रबंधन को इसकी परवाह नहीं, धरना समाप्त करवाने के लिए हर दिन नए नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।

सोमवार को नई चाल चली गई। मुख्य गेट को बंद करने को लेकर कर्मचारियों और गार्ड के बीच काफी तनाव हो गया। कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी जिसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल नोएडा कॉम्प्लेक्स पहुंची। थाने की चार पांच गाड़ियां कैंपस पहुंची जिसमें महिला पुलिसकर्मी समेत काफी शोर-शराबे के बाद मामला शांत हुआ।

कर्मचारियों का कहना है प्रबंधन धरना समाप्त कराने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। परिसर में किसी भी तरह का गैर कानूनी काम कर प्रबंधन कर्मचारियों को बदनाम करने की कोशिश कर सकता है। परिसर में तैनात पुलिस भी मैनेजमेंट के आगे नतमस्तक हो गई है।

कर्मचारियों ने आशंका जताई है कि आगामी 15, 16, 17 अगस्त की छुट्टियों में सहारा प्रबंधन धरना समाप्त करने के लिए कोई भी हथकंडा अपनाने की जुगत में लग गया है और उसकी पूरी मंशा है कि 15 अगस्त तक धरने को समाप्त करवा दिया जाए।

इस बीच मैनेजमेंट के लोगों में विज्ञापन न चलने से बौखलाहट बढ़ गई है और वो विज्ञापन चलवाने के लिया हर तौर तरीका अपनाने में जुटे हैं। इसके तहत कर्मचारियों को डराया धमकाया और दवाब भी बनाया जा रहा है।

कर्मचारी कोर्ट, पुलिस, प्रशासन समेत लखनऊ तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन सहारा प्रबंधन कानून व्यवस्था को भी झुठलाने में लगा है। लेबर कमिश्नर के आदेश की भी प्रबंधन को परवाह नहीं।

कर्मचारियों की सैलरी की मांग पर लेबर कमिश्नर की तरफ से चार महीने का रिकवरी चालान (आरसी) काटा जा चुका है जिसको लेकर जिला प्रशासन की तरफ से प्रबंधन को नोटिस भी दिया जा चुका है लेकिन सहारा प्रबंधन को सैलरी देने की कतई चिंता नहीं, उल्टे प्रबंधन ने लेबर कमिश्नर से शिकायत करने वाले सभी 126 लोगों की सैलरी रोक कर बता दिया कि उसे ऐसी नोटिसों की कोई परवाह नहीं।

नोएडा के सहारा कॉम्प्लेक्स में सैलरी की मांग को लेकर 27 दिन से कर्मचारियों का धरना चल रहा है कर्मचारियों का चार महीने की सैलरी बकाया है, दो दिन पहले कुछ कर्मचारियों को मई महीने की टोकन सैलरी दी गई है।


जितेंदर बिष्ट-

सहारा इंडिया परिवार ने बहुत ही मुश्किल हालात कर दिए हैं, हम लोगों का। ऐसा नहीं है कि कंपनी के पास धन नहीं है, लेकिन इनका देने का मन नहीं है, और सरकारी तंत्र पूरी तरह से इस बेईमान प्रबन्धन के साथ है, उनको खरीद लिया गया है मालूम हो रहा है, भ्रष्टाचार से लड़ना बहुत ही कठिन है, क्योंकि इतने कानून बता दिए जाते हैं कि सब कर्मचारी हार मान लें।

26साल की निष्ठा का मिला धोखा। सैलरी के लिए धरने पर बैठे कर्मचारी गण। किसी का घर बिका। किसी की बहन बेटी की सगाई टूटी। किसी के बच्चों की पढ़ाई छूटी। किसी ने बिना पैसे के दम तोड़ा।

क्या अब भी नहीं जागेगा सहारा प्रबंधन…

सहारा इंडिया टीवी नेटवर्क, नोएडा में कार्यरत कर्मचारियों ने वर्षों से लंबित वेतन भुगतान को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन, श्रम विभाग और सहारा प्रबंधन को एक पत्र सौंपते हुए 17 जुलाई 2025 से टीवी चैनल परिसर के बाहर शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी है।

कर्मचारियों को जनवरी 2014 से उन्हें नियमित वेतन नहीं मिला है। इस दौरान केवल “टोकन मनी” के रूप में नाममात्र की राशि दी गई, जो अब घटकर 30-40% रह गई थी और बीते तीन महीने से वह भी पूरी तरह बंद है।

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