राजगढ़ | मध्यप्रदेश के राजगढ़ स्थित सारंगपुर में बीते दिनों पत्रकार सलमान अली (35) की तीन बाइक सवार नकाबपोशों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी. सलमान को सारंगपुर के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अब इस घटना में एक सनसनीखेज मोड़ आया है. सारंगपुर पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया है. तफ्तीश में बदमाशों ने जो खुलासा किया उसे सुनकर एकबारगी पुलिस भी झटका खा गई.
इस घटना का अनावरण करते हुए एसडीओपी सारंगपुर, अरविंद सिंह ने कहा कि घटना के तार उज्जैन जेल से जुड़ रहे हैं.
सिंह ने बताया कि, 17 सितंबर की रात सलमान अली अपने बच्चों के साथ स्कूटी लेकर घर से निकले थे. इस दौरान तीनों आरोपियों ने पीछा किया, नेहरू पार्क के पास अस्पताल के नजदीक बदमाश ने उनके सिर में गोली मार दी.
घटना के बाद टीम बनाकर उज्जैन, देवास, भोपाल, इंदौर इत्यादि जगहों पर रवाना की गई टीमों द्वारा 72 घण्टे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. हत्याकांड को अंजाम देने वालों में सरफराज, शाहनवाज, सफीक निवासी सारंगपुर का शामिल होना पाया गया है.
एसडीओपी अरविंद सिंह के मुताबिक, पूछताछ में सरफराज ने बताया कि सलमान की उससे पुरानी रंजिश थी. एक आपसी विवाद को लेकर सलमान ने सरफराज के पिता सलामत पर धारा 307 में मुकदमा दर्ज करवा दिया था. सलामत को जेल हो गई थी. इधर आरोप है कि सलमान अपने प्रभाव से सलामत की जमानत भी रद्द करा देता था.
सरफराज ने पुलिस को बताया कि वह जब भी जेल में सलामत से मिलने जाता था तो सलामत उससे कहता- तुझे अपने बेटे का फर्ज निभाना पड़ेगा. सलमान ने पुलिस को यह भी बताया कि सलमान उन लोगों को ब्लैकमेल करता था. जिससे पिता व परिवार परेशान रहता था.
सरफराज ने अपने बयान में कहा कि उसने अपने पिता की बातों में आकर हत्याकांड को अंजाम दिया.
इस मामले में जेल में बंद सलामत शाह को मुख्य आरोपी बनाया गया है. वारदात में शामिल पिस्टल भी बरामद किया गया है, पुलिस ने इसके एक भोपाल निवासी रिश्तेदार नासिर को भी अरेस्ट किया है. बताया जा रहा है कि पिस्टल नासिर ने ही मुहैया कराई थी.
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