Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

बेगाना होता बनारस : दुःस्वप्नों की इस कड़ी में राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ का नाम भी जुड़ गया!

शुभनीत कौशिक-

संतौ ई मुरदन कै गांउँ… कल बनारस थोड़ा और बेगाना हो गया। अपने भीतर समाए हुए बनारस का एक हिस्सा हमेशा के लिए टूट गया। बनारस की जिन संस्थाओं, पुस्तकालयों, जगहों से बेइंतहा मुहब्बत रही, वे एक-एक कर इस शहर के नक़्शे से हमेशा के लिए मिटा दी गईं। अभिमन्यु पुस्तकालय, सरस्वती सदन, पक्का महाल…और कहाँ तक गिना और गिनाया जाय। जैसे एक भयावह दुःस्वप्न हो, जो ख़त्म होने का नाम ही नहीं लेता।

दुःस्वप्नों की इस कड़ी में कल राजघाट (बनारस) स्थित सर्व सेवा संघ का नाम भी जुड़ गया। मॉडल स्टेशन बनाने के नाम पर सर्व सेवा संघ को ध्वस्त करने पर आमादा सरकार ने कल पुलिस बल के ज़ोर पर सर्व सेवा संघ के परिसर को जबरन खाली करा दिया। परिसर में रह रहे लोगों को उनके घरों से बाहर निकाल दिया गया, उनके सामान भी निकलवा दिए गए। सर्व सेवा संघ द्वारा प्रकाशित गांधी साहित्य को कचरे की ढेर की तरह खुले आसमान के नीचे फेंक दिया गया।

इस नए बनारस में रोज-ब-रोज यह सब होते अब देखना है। जहाँ प्रतिरोध को दमन से कुचल दिया जाता है। न्यायपालिका कानों में तेल डालकर बैठी हुई है। और जहाँ पुलिस व प्रशासन अपने हुक्मरानों का हुक्म बजाने के लिए किसी भी हद तक नीचे गिरने को तैयार है।

यह नया बनारस है दोस्तो। ऐतिहासिक संस्थाओं, मुहल्लों के ध्वंसावशेषों पर खड़ा यह बनारस मुर्दों के गाँव में तब्दील हो रहा है। जहाँ हमें अपनी संस्थाओं को उजड़ते देखना है, अदालतों में तारीख़ पर तारीख़ पड़नी है, अपने बुजुर्गों को पुलिस के हाथों अपमानित होते देखना है और फिर वह दिन भी आना है, जब हम इस नए बनारस से बेदख़ल कर दिए जाएँगे।

पाश ने लिखा है न कि ‘यह सब कुछ हमारे ही समयों में होना था’ –

मेरे यारो, हमारे वक़्त का एहसास
बस इतना ही न रह जाए
कि हम धीमे-धीमे मरने को ही
जीना समझ बैठे थे
कि समय हमारी घड़ियों से नहीं
हड्डियों के खुरने से मापे गए

यह गौरव हमारे ही समयों को मिलेगा
कि उन्होंने नफ़रत निथार ली
गुजरते गंदलाए समुद्रों से
कि उन्होंने बींध दिया पिलपिली मुहब्बत का तेंदुआ
और वह तैरकर जा पहुँचे
हुस्न की दहलीज़ों पर

यह गौरव हमारे ही समयों का होगा
यह गौरव हमारे ही समयों का होना है।


रामदत्त त्रिपाठी-

सर्व सेवा संघ की ज़मीन का मसला डीएम के क्षेत्राधिकार में नहीं था। हाईकोर्ट में केवल गॉंधी विद्या संस्थान का मसला था जिसे कुछ वर्ष पूर्व 2007 में ज़िला अदालत ने भंग कर राज्य सरकार को सौंप दिया था . राज्य सरकार ने कमिश्नर वाराणसी को कस्टोडियन बनाया था. मामला सब जुड़िस होने के बावजूद कमिश्नर ने इंदिरा गॉंधी कला केंद्र को सौंप दिया जिसके अध्यक्ष संघ के एक कार्यकर्ता हैं. यह अदालत की अवमानना है.

बाद में हाईकोर्ट ने डीएम को आदेश दिया कि वह जॉंच कर लें और अगर गॉंधी विद्या संस्थान की ज़मीन सर्व सेवा संघ की है तो उसे सौंप दे. हाई कोर्ट में मुख्य रूप से दो माँगे थीं या तो संस्थान को बहाल किया जाये अथवा वह ज़मीन उसके मूल मालिक सर्व सेवा संघ को वापस दी जाये.

इस विवाद में सर्व सेवा संघ का बाक़ी कैम्पस शामिल नहीं था और न ही रेलवे का कोई दावा था. रेलवे ने डीएम के सामने बाद में सर्व सेवा संघ की सम्पत्ति पर दावा किया था.

रेलवे का दावा केवल सिविल कोर्ट सुन सकता था. लेकिन डीएम ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर सर्व सेवा संघ की सम्पत्ति पर दावा मंज़ूर कर लिया जो क़ानूनन ग़लत और हाईकोर्ट की अवमानना है.

अभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामला बनारस सिविल कोर्ट में है और मामला सब जूडिस होने के बावजूद सरकार ने बंदूक़ के बल पर सर्व सेवा संघ आफिस और सारे आवास ख़ाली करा लिया. पिछले साठ साल का रिकॉर्ड और हज़ारों पुस्तकें , पत्रिकाएँ जाने कहॉं गयीं. सर्वोदय जगत पत्रिका का रिकार्ड भी ये लोग उठा ले गये.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
3 Comments

3 Comments

  1. सुधीर कौशिक

    July 24, 2023 at 9:27 am

    हम बनारस से बेदखल हो रहे हैं या हम में से बनारस निकलता जा रहा है ।

  2. Raushan

    July 25, 2023 at 7:59 am

    Sarv seva sangh Wale galat tarike se rh rhe the. Bahar ki gumtoyon se paise lete the, usme ek madam thi jisne mujhse bhi gumti rakhne k liye ₹1lakh ki mang ki thi.
    Bahut sahi huaa in sabhi ko waha se nikal Diya gya.

  3. manish kumar

    July 25, 2023 at 4:19 pm

    sarkari jamin per a avaidh kabza karke logo ne banaras me chalna phirna muhal kar diya hai. har jagah jam aur atikraman ho gaya hai. Gov’t ne sahi kiya hai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन