मेरठ के मशहूर शायर शबाब मेरठी उर्फ़ दिनेश कुमार स्वामी (80 वर्ष) इस समय बेहद दयनीय परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं। साहित्य जगत में सम्मानित पहचान रखने वाले शबाब मेरठी आज बीमारी, अकेलेपन और उपेक्षा का शिकार हो गए हैं।
उनकी पत्नी का कुछ वर्ष पहले कैंसर से निधन हो गया था, जबकि बेटा अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में रहता है। परिजनों के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण वे अपने घर में बिल्कुल अकेले पड़ गए हैं। उनके संपर्क में रही एक फेसबुक यूज़र ने लगातार उनकी स्थिति पर पोस्ट कर लोगों को अवगत कराया है।

22 जुलाई की पोस्ट में लिखा गया कि शबाब मेरठी साहब जिस घर में रहते हैं, वहां नौकर दिनभर उन्हें शराब पिलाकर नशे में रखता है। घर का कमरा गंदगी और बदबू से भरा पड़ा रहता है। बताया गया कि महीनों से वे न नहा पाए हैं और उनके कपड़े तक गंदे पड़े हैं। आरोप यह भी है कि पड़ोस में रहने वाले परिवारजन और नौकर उन्हें अपमानित करते हैं और किसी भी मददगार को उनके घर तक नहीं आने देते।
23 जुलाई की दूसरी पोस्ट में उनकी तकलीफ़ों का ज़िक्र करते हुए कहा गया कि शबाब मेरठी बेहद शरीफ़ और भोले इंसान हैं, लेकिन उनकी इस कमजोरी का फ़ायदा उनके अपने ही लोग उठाते रहे हैं। शराब की लत और डिप्रेशन ने उनकी स्थिति और बिगाड़ दी है।
13 अगस्त को लिखी गई पोस्ट में तो स्थिति और गंभीर बताई गई। इसमें कहा गया कि शायर शबाब मेरठी ने खुद फ़ोन पर रोते हुए बताया कि उन्हें खाना तक नहीं दिया जा रहा। नौकर प्रेमपाल पर आरोप है कि वह उन्हें भोजन नहीं देता और परेशान करता है।
सोशल मीडिया पर लगातार इन पोस्टों के ज़रिए मदद की गुहार लगाई जा रही है, लेकिन अब तक साहित्य जगत और समाज के प्रभावशाली लोगों की ओर से कोई ठोस पहल नज़र नहीं आई है।
सवाल यह है कि जिस शायर ने अपनी रचनाओं से लोगों को प्रभावित किया, आज जब वह बुज़ुर्गावस्था में तकलीफ़ और अपमान झेल रहे हैं तो क्या समाज और साहित्यिक बिरादरी उन्हें यूं ही तिल-तिलकर मरने के लिए छोड़ देगी?

कभी हादसों की डगर मिले
कभी मुश्किलों का सफ़र मिले
ये चराग़ हैं मेरी राह के
मुझे मंज़िलों की तलाश है
कोई हो सफ़र में जो साथ दे
मैं रुकूं जहां कोई हाथ दे
मेरी मंज़िलें अभी दूर हैं
मुझे रास्तों की तलाश है
-शबाब मेरठी
पता और संपर्क:-
शबाब मेरठी साहब का पता है — 281A, सोमदत्त विहार, फ़ेज़ 1, मेरठ। उनसे सीधे संपर्क के लिए फ़ोन नम्बर है — 9997220102।


