पत्नी की हत्या के अपराध में सजा काट रहे पूर्व टीवी एंकर और प्रोड्यूसर सुहैब इलायासी हो गए बरी

पूर्व टीवी एंकर और प्रोड्यूसर सुहैब इलियासी को दिल्ली हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है. दिसंबर 2017 में एक स्थानीय अदालत ने सुहैब को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. 10 जनवरी 2000 को पत्नी अंजू की रहस्यमय हालत में मौत हो गई थी. सुहैब पर पत्नी अंजू की हत्या का आरोप था. अंजू के घरवालों ने इलियासी पर दहेज हत्या का आरोप लगाया था. इसके लिए उन्होंने इलियासी पर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग की थी. बाद में ये हत्या साबित हुआ और 20 दिसंबर 2017 को दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने सुहेब इलियासी को पत्नी की हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई.

सुहैब इलिहासी 90 के दशक में भारत में टेलीविजन पर क्राइम बेस्ड रिएलिटी शो की शुरुआत करने वाले के तौर पर जाने जाते हैं. एक प्राइवेट टीवी चैनल पर दिखाए जाने वाले अपने इस शो में इलियासी अपराध और अपराधियों को टीवी पर सीरियल में दिखाते थे. सुहैब इलियासी एक ऐसे पत्रकार के रूप में जाने जाते रहे, जिन्होंने क्राइम पत्रकारिता को एक नये मुकाम पर पहुंचा दिया और खोजी पत्रकारिता का एक नया मानक स्थापित किया. एक समय था, जब इनके शो को देखकर अपराधी खौफ खाया करते थे.

इंडियाज मोस्ट वांटेड फेम सुहैब इलियासी उस वक्त इतने फेमस इसलिए भी हो गये थे क्योंकि यह टीवी शो भगोड़े अपराधियों पर आधारित था और यह देश का इस तरह का पहला टीवी शो था. इनके शो से पुलिस को केस समझने में भी काफी आसानी होती थी. इलियासी का जन्म 15 नवंबर 1966 को हुआ था. उनके पिता जमील इलियासी ऑल इंडिया इमाम संगठन के प्रमुख और केंद्रीय दिल्ली के कस्तुरबा गांधी मस्जिद के इमाम थे और वो यहीं पर रहा करते थे.

सुहैब इलियासी की पढ़ाई जामिया मिल्लिया विश्वविद्याल से हुई है. यहां से उन्होंने 1989 में पत्राकारिता की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही सुहैब अंजू से मिले थे. अंजू भूमिहार परिवार से ताल्लुक रखती थीं. जामिया में मास कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर से पढ़ाई पूरी करने के बाद सुहैब लंदन चले गए जहां उन्होंने 1991 में टीवी एशिया में काम किया. जल्द ही वो इस चैनल के प्रोग्राम प्रोड्यूसर बन गए. इसी बीच 1993 में सुहैब और अंजू ने स्पेशल कोर्ट मैरिज एक्ट के तहत शादी रचा ली. 1995 में पत्नी अंजू के साथ मिलकर सुहैब ने क्राइम शो बनाया, मगर इंडिया में सभी चैनलों ने उसे दिखाने से इनकार कर दिया. नब्बे के दशक में कोई भी टीवी चैनल इस तरह के शो को दिखाने के लिए तैयार नहीं था. मगर बाद में काफी मान-मनौव्वल के बाद जी टीवी ने उनके शो को प्रसारित करने के लिए तैयार हो गया.

सुहैब इलियास ने जी टीवी पर अपना शो इंडियाज मोस्ट वांटेड प्रारंभ किया. शुरुआत में इस शो की योजना महज 52 एपिसोड के लिए थी, मगर बाद में जीटीवी ने शो के एपिसोडो को और बढ़ा दिया. इस शो की लोकप्रियता इतनी हो गई थी कि अक्सर इसकी टीआरपी अव्वल होती थी. कहा जाता है कि करीब 30 अपराधी के बारे में शो चलाया गया और बाद में कई पकड़े भी गये. ऐसे कई अपराधी थे जिनके ऊपर शो करने के बाद पुलिस हरकत में आती थी. एक बार तो एक अपराधी के ऊपर शो फीचर किया गया, तब जाकर पुलिस उसे मार पाई. हालांकि, बाद में इलियासी को पुलिस ने क्रेडिट भी दिया था.

माना जाता है कि इंडियाज मोस्ट वांटेड अपनी तरह का पहला ऐसा शो था जो अपराध और अपराधियों पर आधारित था. इस शो की खासियत ये थी जिस अपराधी पर इसे फीचर्ड किया जाता था, उसके बारे में काफी पुख्ता और गहन जानकारी इकट्ठा की जाती थी. इनकी खोजी पत्रकारिता का असर ऐसा होता था कि कभी-कभी पुलिस इनके सबुतों के आधार पर भी कार्रवाईयों को अंजाम देती थी.

बाद में इलियासी को अपराधियों से धमकियां भी मिलने लगीं और उन्होंने सिक्योरिटी की भी मांग की थी. उन्होंने 1999 में फिल्म ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ में रोल भी किया है. इलियास सिर्फ पत्रकार ही नहीं रहें, बल्कि वो एक फिल्म डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर भी रहे हैं. उन्होंने 2004 में ‘कामयाब’, ‘रास्ता’ फिल्म का निर्माण, निर्देशन और अभिनय भी किया. इतना ही नहीं, उनके फिल्मों की लिस्ट में ‘498 ए द वेडिंग गिफ्ट’ भी है. इसके बाद 2009 में वो उन्होंने ‘ब्यूरोक्रेसी टूडे’ नामक एक पत्रिका शुरू कर दी और उसके संपादक बन गये. इलियासी ने दूरदर्शन के लिए भी काम किया है. 2000 में पहली पत्नी अंजू की मौत के बाद उन्होंने 2006 में साहेबजादी सौम्या खान से दूसरी शादी कर ली. उनकी एक बेटी है जिसका नाम आलिया है.

इलियासी जिस मामले में दोषी पाये गये थे, वो मामला करीब 17 साल पुराना है. 11 जनवरी 2000 को उनकी पत्नी अंजु इलियासी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी. इलियासी को शुरू में अपनी पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने (जो उसकी मौत का कारण बना) के आरोप में गिरफ्तार किया गया. हालांकि सुहैब ने इसका पुरजोर तरीके से खंडन किया था. उनके ऊपर मौत के आरोप उस वक्त लगे जब साल 2000 में इंडियाज मोस्ट वांटेड शो को को लेकर इलियासी का करियर पूरे शबाब पर था.

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