गाजियाबाद। गाजियाबाद लोकसभा सीट से सांसद अतुल गर्ग ने मेरठ के पत्रकार सोनू चौहान के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को शिकायत पत्र भेजकर जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां और भ्रामक सामग्री प्रसारित कर रहा है।
सूत्रों की माने तो, इस प्रकरण में बताया जा रहा है कि सांसद महोदय ने पत्रकार पर अपनी ठसक के चलते गाजियाबाद के कविनगर थाने में न सिर्फ मुकदमा दर्ज कराया बल्कि गिरफ्तार भी करवा दिया।
ताज्जुब इस बात का है कि पत्रकार सोनू चौहान को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे सांसद के फार्म हाउस पर ले गई। साथ ही दो दिनों तक उसकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई। जबकि गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर आरोपी को न्यायालय के सामने पेश करना होता है।
इसके अलावा खबरों से शुरू हुआ मामला सांसद अतुल गर्ग ने एक्सटॉर्शन का बनवा दिया। सोनू चौहान के पास से 50,000 रुपये की नकदी बरामद दिखाई गई है। जबकि दर्ज एफआईआर में कहीं भी एक्सटॉर्शन या 50 हजार का जिक्र नहीं है। कुल मिलाकर इस मामले में वह कहावत दोहराई गई है, जिसमें कहा जाता है- “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे”
सांसद अतुल गर्ग के प्रतिनिधि राजेंद्र अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर…





सांसद महोदय अतुल गर्ग का फेसबुक पोस्ट पढ़िए…
सोशल मीडिया के माध्यम से मेरे विरुद्ध झूठे, भ्रामक एवं अपमानजनक आरोप लगाकर दुष्प्रचार करने वाले व्यक्ति के संबंध में आज पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद को पत्र लिखकर निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की है।
जनता के विश्वास और सार्वजनिक जीवन की गरिमा की रक्षा हेतु आवश्यक है कि ऐसे मामलों की सच्चाई सामने आए तथा यदि इसके पीछे कोई संगठित षड्यंत्र है तो उसका भी पर्दाफाश हो। सत्यमेव जयते।
-अतुल गर्ग, सांसद, गाजियाबाद

अतुल गर्ग ने इसे पूरे मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी पत्र लिखा है। पत्र में सांसद द्वारा विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेजने का जिक्र किया गया है। लेकिन सांसद महोदय को यह नहीं पता कि विशेषाधिकार हनन का नोटिस किसी सरकारी कर्मचारी को भेजा जाता है, न कि किसी आम नागरिक को।





