दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2020 में कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान तब्लीगी जमात से जुड़े विदेशी नागरिकों को आश्रय देने के आरोपी भारतीयों के खिलाफ 16 आरोपपत्र रद्द कर दिए।
इस मामले में नीचे कुछ टिप्पणियां पढ़ें…
नरेंद्र नाथ मिश्रा-
तबलीगी जमात पर कोविड के दौरान दर्ज सारे केस रद्द ।
देश खासकर हम मीडिया वालों को तबलीगी जमात वालों से सॉरी तो कहना ही चाहिए।
मीडिया ने कोरोना के समय जो अपराध किया है,वह कभी माफ तो नहीं हो सकेगा। बीमार लोगों पर जुल्म किया था। महामारी में हिंदू मुस्लिम किया था। सबसे शर्मनाक था वह!

सचिन गुप्ता-
साल-2020, कोरोना का दौर था। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तब्लीगी जमात का कार्यक्रम था। इसमें 190 विदेशी आए। आरोप लगा कि यहीं से पूरे देश में कोरोना फैला है। 70 भारतीय मुस्लिमों पर 16 FIR दर्ज हुईं। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी 16 FIR को रद कर दिया है।
अशरफ हुसैन-
कोरोना और तब्लीगी जमात,
साल 2020, कोरोना और पुरे देश में लॉकडाउन का वो दौर…
उसपर तब्लीगी जमात पर मीडिया का एकतरफ़ा हमला। कोरोना फैलाने कि सारी ज़िम्मेदारी दिल्ली निजामुद्दीन स्थित मरकज़ और वहाँ मौजूद तब्लीगी जमात के सर फोड़ दिया गया।
ताज़ा ख़बर के अनुसार 70 तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों पर दर्ज़ सभी मामलों को अदालत ने ख़ारिज करते हुए बाइज़्ज़त बरी कर दिया है।
इन लोगों पर कोविड-19 वायरस फैलाने का आरोप था. अब कोर्ट ने इनके खिलाफ दर्ज सभी 16 FIR को रद्द करने का आदेश दिया है. यह फैसला पांच साल बाद आया है. कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में इन लोगों पर केस दर्ज किए गए थे.
अगर आपको याद हो तो मीडिया ने किस तरह तब्लीगी जमात के लोगों को टार्गेट किया था। क्या अब मीडिया अपने बड़े स्क्रीन पर इन तब्लीगीयों से माफ़ी मांगेगा?
शकील अख्तर-
जिस झूठ पर पूरे अखबार रंग दिए थे, टीवी चैनलों ने आग बरसा दी थी, पत्रकार खुद आगे बढ़ बढ़ कर कह रहे थे कि हमने देखा थूकते हुए वे सब अब खामोश हैं।
कहीं कहीं इस तरह की छोटी दबा कर खबरें लगा दी हैं।
कोरोना के पीक समय में तब्लीगी जमात पर दर्ज सारे मुकदमों को अब हाई कोर्ट ने भी खारिज कर दिया है। सेशन कोर्ट पहले ही कर चुकी थी।
सबूत उसे समय भी कोई नहीं था लेकिन कोरोना जैसी महामारी के समय भी हिंदू मुसलमान करने के लिए केंद्र की मोदी और दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इस मामले को खूब उछाला तमाम लोगों को गिरफ्तार किया।
कोरोना के रोज जारी किए जाने वाले आंकड़ों में तब्लीगी जमात के आंकड़े अलग से जारी करके यह बताने की कोशिश की थी कि कोरोना के पीछे सबसे बड़ा कारण यही है।


