हे भगवान, शिक्षकों को अब ये काम भी करना होगा!

सत्येंद्र पीएस-

हे नीतीश कुमार। बिहार पढाई के मामले में इतना फिसड्डी है कि राज्य में आज तक वैश्विक क्या देश के स्तर का कोई विश्वविद्यालय नहीं बन पाया।

कम से कम एक ही काम कर देते कि शिक्षकों के ऊपर पढ़ाने के अलावा कोई जिम्मेदारी न देते। राज्य में बची खुची शिक्षा की हत्या का पाप लेकर कैसे मुंह दिखा पाएंगे?

शिक्षकों को केवल पढ़ाने दिया जाए। यूपी में भी भयानक ट्रेंड है कि रैली के लिए भीड़ जुटाने का जिम्मा टीचरों पर डाल दिया गया है। क्यों आप लोग शिक्षा के दुश्मन बने हुए हैं?

थोड़ा भूपेश बघेल से सीखिए। 3 साल के काल में हर बड़े जिले में आत्माराम इंग्लिश मीडियम स्कूल खोल दिया। पुराने में सयाजी गायकवाड़ से सीखिए, जिन्होंने कस्बे कस्बे लाइब्रेरी खोलवा दी, जिससे पढ़ने वालों को दिक्कत न हो।

और आप हगने वालों की निगरानी का भी जिम्मा टीचरों को दे रहे हैं? सबाल्टर्न को आप क्या भविष्य दे रहे हैं महराज? ये कौन सा नया समाजवाद बनाया आपने! समाजवाद को मसाजवाद बना डाला?



 

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